कालपी। लाख दावों के बाद भी सहकारी समितियों में खाद की किल्लत बरकरार है। किसानों को रबी फसलों की बोआई के लिए डीएपी की आवश्यकता है। इसे लेकर समितियों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ उमड़ रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी किसानों को बिना खाद के लौटना पड़ रहा है।
वर्तमान समय में रबी की फसल लाही, मटर, चना आदि फसलों की बोआई चल रही है। महेबा किसान सेवा सहकारी समिति में 400 बोरी डीएपी उपलब्ध होने की जानकारी पर शनिवार सुबह छह बजे से ही समिति के बाहर किसानों की भीड़ जुट गई। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी किसानों को महज एक-एक बोरी खाद मिल सकी।
कई किसानों को बिना खाद के ही समिति से वापस लौटना पड़ा। किसान रविंद्र, इंद्रपाल, जयसिंह, सूरज, भगवानदीन, सुरेश, रामजी आदि किसानों ने बताया कि खाद लेने के लिए वह लोग सुबह से लाइन में लगे थे। करीब दो घंटे इंतजार के बाद उनका नंबर आया। उन्हें महज एक-एक बोरी खाद दी गई। एक बोरी से महज दो बीघा फसल की बोआई हो सकेगी। कम खाद मिलने से उनकी फसल की बोआई पिछड़ जाएगी। इससे पैदावार पर भी असर पड़ेगा।