उरई (जालौन)। चार साल पहले युवक की हत्या के मामले में वांछित चल रही पच्चीस हजार रुपये की इनामी महिला को माधौंगढ़ थाना पुलिस ने सोमवार की रात उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों के पास से पुलिस ने तमंचा, कारतूस, बाइक, सोने चांदी के जेवर व नगदी बरामद की है
मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि 2 मार्च 2017 को बांदा जनपद के थाना मठौंद के गांव गोयरम गली निवासी लाल खां ने माधौंगढ़ कोतवाली में बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 17 फरवरी 2017 को पुत्र इमरान घर से उरई जाने के लिए कहकर निकला था। 19 फरवरी को उरई में रहने वाले रिश्तेदारों ने बताया कि एक अज्ञात शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा है। इस पर परिवार समेत पहुंचकर उसकी शिनाख्त इमरान के रुप में की। पुलिस ने पिता की तहरीर पर साधना सिंह व उसके पति राजू परिहार निवासी किरार, थाना सजेती जनपद कानपुर नगर व हाल पता ग्राम चितौरी थाना माधौगढ़ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट माधौगढ़ थाने में दर्ज की गई थी। तब से आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने दंपती पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। माधौगढ़ पुलिस ने सोमवार की रात बंगरा तिराहे के पास नहर पुल से हत्यारोपी साधना सिंह व उसके सहयोगी नीरज शर्मा निवासी मोहल्ला भगत सिंह नगर कोंच को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उनके पास से 315 बोर तंमचा व दो कारतूस तथा बाइक के अलावा 1.05 लाख रुपये की कीमत के सोने चांदी के जेवर व 2 लाख रुपये नगदी बरामद की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उसने अपने पति के साथ इमरान खान की हत्या कर शव को कैलोर के पास बंबा में फेंक दिया था और तभी से फरार चल रहे थे। सहयोगी नीरज शर्मा छिपने में उसकी पूरी मदद कर रहा था। एएसपी ने बताया कि अभियुक्त साधना पर जयपुर राजस्थान में हत्या का एक मामला और दर्ज है।
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अवैध संबंध बने मौत की वजह
एएसपी ने बताया कि इमरान और साधना के संबंध थे। जिसके चलते इमरान अक्सर उसके पास आता था। इस पर साधना के पति राजू परिहार ने इमरान को रास्ते से हटाने की रणनीति बनाई। फिर पत्नी के माध्यम से इमरान को अपने पास बुलाया। और पूर्व योजना के अनुसार दोनों ने उसकी हत्या कर शव को बंबा में फेंककर फरार हो गए थे।
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जयपुर भी भेजी जाएगी पुलिस टीम
अधिकारियों का कहना है कि साधना पर जयपुर में हत्या का मामला दर्ज है। उसे सख्त सजा मिले, इसके लिए जिले की एक पुलिस टीम जल्द ही जयपुर भी भेजी जा सकती है। ताकि वहां की गई हत्या के बारे में छानबीन की जा सके। इसके अलावा कुछ और भी आपराधिक इतिहास पता चल सके।
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नीरज से संबंध भी बन रहे पहेली
पहले इमरान, फिर पति राजू और अब नीरज संग साधना का साथ फिलहाल पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। पुलिस मान रही है कि नीरज सिर्फ साधना का मददगार ही है लेकिन कोंच के लोगों में चर्चा है कि नीरज और साधना के बीच भी गहरे संबंध हैं। जिसके चलते ही नीरज बीते चार साल से उसकी मदद कर रहा है।
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बहन की ससुराल की संपत्ति पर भी नजर थी
माधौगढ़ स्थित चितौरा गांव के लोगों ने बताया कि करीब सात आठ साल पहले राजू गांव स्थित अपनी बहन की ससुराल में रहने आया था। दोनों पति-पत्नी काफी समय तक चितौरा गांव में ही रहे और जमीनी विवाद में राजू का विवाद भी हुआ। जिसमें फायरिंग तक हुई थी। इसके बाद से ही दोनों पति पत्नी गांव छोड़कर चले गए थे।