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Jalaun News: दो नलकूपों की मोटर खराब, बीस दिन से पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण

Sat, 02 Nov 2024 11:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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फोटो-01 पानी के लिए दूसरे के दरवाजे पर लाइन लगाए ग्रामीण। संवाद
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फोटो-02 ट्रॉली में रखी पानी की टंकी से पानी निकालते ग्रामीण। संवाद
शिकायत के बाद भी जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान, ग्रामीण दूर से भरकर ला रहे पानी
संवाद न्यूज एजेंसी

उरई। बरसार गांव में बीस दिन से पानी की संकट गहरा गया है। गांव में दो नलूकप और पानी की टंकी हैं। सभी सूखी पड़ी हैं। एक नलकूप छह महीने पहले तो दूसरा बीस दिन पहले खराब हो गया है। इससे पानी की बड़ी समस्या ग्रामीणों के सामने खड़ी है। मजबूरन उन्हें गांव के बाहर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है।
शहर से बीस किलोमीटर दूर स्थित गांव बरसार में करीब बीस दिन से पानी की समस्या बनी हुई है। गांव में दो पानी की टंकी और दो नलकूप बने हुए हैं। इसके बाद भी पानी की संकट खत्म नहीं हो रहा है। ग्राम प्रधान की लापरवाही के चलते समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। दोनों नलकूपों की मोटर खराब पड़ी हुई हैं। एक की छह महीने पहले तो एक की बीस दिन पहले मोटर खराब हो गई है। ग्रामीण बीस दिन से दूसरों के घरों और गांव के बाहर से पानी भरकर ला रहे हैं। ग्रामीण सुखदेव, शिवम, कुमारी, बिन्नी, राहुल ने बताया कि खराब पड़े नलकूप की शिकायत कई बार सीएम पोर्टल से की। इसके बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। त्योहार के समय पानी की बड़ी समस्या हुई।
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ग्रामीणों की बात-



फोटो-03 रामलाल

रामलाल ने बताया कि पानी नहीं आने से सुबह से ही गांव के बाहर करीब एक किलोमीटर दूर खेत के नलकूप पर जाकर पानी भरकर लाना पड़ता है। तब जाकर पानी पीने को नसीब हो रहा है।



फोटो-04 मुनेश कुशवाहा

मुनेश कुशवाहा ने बताया कि पानी के लिए नल पर लाइन लगाने पड़ती है। कई बार तो मारपीट भी हो गई है। कई बार ग्रामीणों ने नलकूूप को सही करवाया। अब मोटर खराब हो गई कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहा है।
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वर्जन-



गांव में नलकूप खराब पड़े हैं। उनको सुधरवाने के लिए कोई बजट नहीं है। इसके बाद भी कोशिश की जा रही है। नलकूप को ठीक किया जा सके।

धर्मपाल कौशिक, ग्राम प्रधान, बरसार


जलसंस्थान में सिर्फ नगर निकायों के नलकूप आते हैं। ग्राम में बने हुए नलकूप की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान के पास है। उन्हें ही देखभाल करनी होगी। कोई तकनीकी सहायता चाहिए तो जलसंस्थान मदद करेगी।



श्याम बहादुर, जेई जलसंस्थान
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