कालपी। नगर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। हालत यह है कि राह चलते लोगों के साथ छीनाझपटी करते हैं। साथ ही काटकर घायल कर देते है। नगर के लोगों के साथ व्यापारी भी बंदरों के आतंक के आगे हार मान चुके हैं। इसके बावजूद वन विभाग और नगर पालिका ध्यान नहीं दे रहा है। दोनों विभाग एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं।
सोमवार को मोहल्ला गणेशगंज निवासी आशा देवी (60) अपने घर का सामान लेने बाजार गई थी। लौटते वक्त बंदरों ने हमला कर दिया। जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। इसी तरह मोहल्ला रामचबूतरा निवासी गुलसरीन अपने पति के साथ बाजार से पॉलिथीन में सामान लेकर बाइक पर बैठी थी। तभी पीछे से बंदरों ने हमला बोल दिया और वह बाइक से गिर पड़ी। जिससे उसके सिर में भी गंभीर चोटें आई हुई। रोजाना नगर में दो से तीन लोगों के बंदर काटकर घायल कर रहे हैं।
कई बार हो चुकी शिकायत
नगर के युवाओं से लेकर जनप्रतिनिधि भी इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं। मोहल्ला गणेशगंज के आदित्य नगाइच हर सप्ताह इन बंदरों से निजात के लिए सीएम पोर्टल से लेकर नगर पालिका और वन विभाग में कर रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
रोजाना दस से 15 मरीज पहुंच रहे
सीएचसी कालपी में रोजाना दस से 15 मरीज कुत्ता और बंदरों के काटे हुए पहुंच रहे हैं। इसमें 90 प्रतिशत संख्या बंदरों के काटने की है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश गुप्ता व डॉ. शेख शहरयार के मुताबिक, एक जून से अब तक 110 मरीज अब तक कुत्ता एवं बंदरों के शिकार हो चुके हैं। बंदर काटने की सिर्फ मरीज नहीं पहुंच रहे हैं। बंदर लोगों को पटककर घायल भी कर रहे हैं।
हो चुकी हैं चार मौतें
अभी तक नगर में चार मौतें बंदरों के काटने और उनके डर से गिरने पर हो चुकी हैं। बंदर लोगों को सिर्फ काट नहीं रहे हैं। उनका पीछा भी कर लेते हैं। कई बार जब लोग छत या ऊंची जगह पर होते हैं तो अपने आप को संभाल नहीं पाते हैं और गिर पड़ते हैं। जिससे वह घायल हो जाते हैं। उनकी मौत भी हो जाती है। हाथ, पैर टूटने की संख्या रोजाना दो से तीन पहुंच जाती है। मोहल्ला खोयामंडी एवं इलाहाबाद बैंक स्टेशन रोड बंदरों के आतंक से अब तक तीन महिलाएं एवं एक राज् मिस्त्री की मौत हो चुकी है।
वर्जन-
मामले की जानकारी कर निदान का प्रयास किया जाएगा। वन रेंज अधिकारी संजय यादव ने बताया कि उनके पास बंदरों को पकड़ने के लिए कोई प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं है। यह काम नगर पालिका का होता है। इसलिए वह बंदरों को पकड़ सकती है। -अवनीश शुक्ला, ईओ नगर पालिका