उरई। चार साल पहले लेनदेन के विवाद में जिला बदर नौशाद खान की गोली मारकर हत्या के मामले की सुनवाई सोमवार पूरी हुई। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने मोबाइल डीलर आशीष यादव को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 52 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं, मामले में छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रापटगंज निवासी शाहिदा ने 19 जून 2021 को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 18 जून 2021 को मोहल्ला कछोरन निवासी मोबाइल डीलर आशीष यादव रात 11 बजे उसके पुत्र नौशाद खान को हाईवे स्थित पुलिया के पास ले गया था। वहां पहले से मौजूद रूरा निवासी बजरंग भदौरिया उर्फ अमित प्रताप, विकास सेंगर उर्फ विक्की, बिल्ला भदौरिया उर्फ रोहित, जितेंद्र यादव उर्फ मोटे, बंटी यादव, जयकरण व दो अज्ञात लोगों ने नौशाद की पिटाई की। जितेंद्र यादव उर्फ मोटे यादव ने तमंचे से नौशाद के सिर में गोली मार दी जिससे वह घायल हो गया। बजरंग भदौरिया उर्फ अमित प्रताप ने पिस्टल से हवाई फायरिंग की। वहां मौजूद शहबाज, हसीन, साजिद खान ने घटना देखी। इन लोगों ने घायल नौशाद को सीएचसी पहुंचाया, जहां से कानपुर रेफर कर दिया गया था। 19 जून को इलाज के दौरान नौशाद की मौत हो गई। पुलिस ने सात नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने सातों आरोपियों को एक सितंबर 2021 गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर नामजद सात आरोपियों के खिलाफ 19 सितंबर 2021 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।
हिस्ट्रीशीटर से दोस्ती, बाद में लेनदेन में हो गई रंजिश
पुलिस की जांच में सामने आया कि आशीष यादव और नौशाद खान में पहले दोस्ती थी। बाद में रुपयों के लेनदेन के विवाद में दोनों में रंजिश हो गई। नौशाद हिस्ट्रीशीटर था। जिस समय यह वारदात हुई वह जिला बदर था। वह चोरी-छिपे घर वालों से मिलने आता था। वारदात की रात आशीष को नौशाद के आने की भनक लग गई। वह नौशाद को लेकर जितेंद्र के पास पंचायत करने गया था। इसी दौरान नौशाद की हत्या कर दी गई।