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देर से पहुंची मोबाइल जांच वैन, कई घर लौटे

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जालौन सीएचसी में जांच कराने आईं महिलाएं - फोटो : ORAI
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जालौन। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार आदि रोगों से पीड़ित व्यक्तियों की सीएचसी में कोरोना की जांच की गई। इस दौरान 128 लोगों ने पंजीकरण कराया था। जिनमें से 66 लोगों के नमूने लिए गए। मोबाइल वैन समय से नहीं पहुंची, इसके चलते कई लोग बिना जांच के वापस लौट गए।
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कोरोना महामारी के बीच डॉक्टर सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द आदि के मरीजों की देखने से बच रहे हैं। ऐसे में सीएमओ कार्यालय से पीसीआर मोबाइल वैन के माध्यम से उक्त रोगों के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ ही उनके सैंपल भी लिए जा रहे हैं। गुरुवार को सीएचसी में निशुल्क कोरोना जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसके लिए 128 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया था।
लेकिन मोबाइल वैन के निर्धारित समय से काफी देर बाद सीएचसी में पहुंचने से कुछ लोग इंतजार कर अपने घरों को लौट गए। दोपहर लगभग 2 बजे सीएचसी पहुंची मोबाइल वैन में डॉक्टर मोहसिन खान व रेनू पांडेय की टीम ने 66 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नमूने लिए। सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश राजपूत ने बताया कि 100 लोगों की टेस्टिंग की तैयारी थी। शिविर में 128 लोगों ने आवेदन पत्र भरे थे पर जांच के लिए सिर्फ 66 लोग ही उपस्थित हुए। जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर कोरोना टेस्ट किया गया। लिए गए नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
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सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराया
जालौन। शक्ति मोबाइल पुलिस टीम प्रभारी रानी गुप्ता के नेतृत्व में अपराजिता व प्रियंका गुरुवार को सीएचसी में बनाए गए कोविड-19 स्क्रीनिंग सेंटर पहुंची। सीएचसी में पहुंचकर भीड़ के रूप में एकत्रित महिलाओं से सामाजिक दूरी का पालन कराया। उन्होंने कहा कि कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। दो गज की सामाजिक दूरी का पालन करें। सैनिटाइजर अथवा साबुन पानी से हाथ बार-बार धोएं। मास्क का प्रयोग हर हाल में करें।
सभी विभाग अपने कार्यालयों में बनाए हेल्पडेस्क
उरई। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने कार्यालयों में हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से बनाएं। जिससे संक्रमण से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना महामारी की रोकथाम एवं बचाव के लिए शासन के निर्देश हैं कि सभी विभागों के समस्त स्तरों के कार्यालयों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी विभागों एवं उससे संबद्ध संस्थाओं के प्रत्येक स्तर के ऐसे कार्यालयों में अनिवार्य रूप से कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करें। साथ ही जागरूकता के लिए कोविड हेल्प डेस्क पर पोस्टर भी लगाया जाएगा। कोविड हेल्प डेस्क पर एक कर्मचारी की रोस्टर के आधार पर दो सप्ताह के लिए तैनाती की जाएगी। कोविड हेल्प डेस्क पर सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर एवं पल्स आक्सीमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

बाजार खुलने से पहले होता सैनिटाइजेशन का कार्य- फोटो : ORAI

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