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Jalaun News: पारे ने लगाया गोता, गलन से छूटी कंपकंपी

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फोटो - 27 हाईवे पर लाइट जलाकर निकलता वाहन। संवाद
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बाज़ारों में सन्नाटा, लोग घरों में दुबके, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जल रहे अलाव

संवाद न्यूज एजेंसी

उरई/कोंच/मुहम्मदाबाद। उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने शनिवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से छाए कोहरे और शीतलहर ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया। हाईवे से लेकर मुख्य सड़कों तक वाहनों की रफ्तार रेंगती दिखाई दी। दृश्यता बेहद कम रही, जिससे दोपहिया चालकों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ीं। बाजारों में सन्नाटा पसर गया और धूप न निकलने से ठंड और बढ़ती चली गई। अधिकतम तापमान 19 व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शुक्रवार को दोपहर बाद निकली धूप ने कुछ राहत दी थी, लेकिन शाम होते ही फिर से कोहरे की मोटी चादर छा गई। रात आठ बजे के बाद तो दृश्यता दस मीटर तक सिमट गई। शनिवार सुबह भी हालत ऐसे ही रहे। दुकानदारों ने दोपहर बाद दुकानें खोलीं और शाम होते ही बंद कर घर लौट गए। लोगों का कहना है कि शीतलहर के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है।
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फोटो - 28 कूड़ा बीनकर जलाते लोग। संवाद
अलावों का संकट, 60 स्थान चिन्हित, पर जल रहे सिर्फ आठ

लोग कागज-पन्ना जलाकर सेकते हाथ, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

कोंच। बढ़ती ठिठुरन के बीच तहसील व पालिका प्रशासन अभी भी अलावों की व्यवस्था को लेकर उदासीन दिख रहा है। कस्बे में 60 पॉइंट अलाव के लिए चिन्हित किए गए हैं, लेकिन केवल 8 स्थानों पर ही अलाव जल रहे हैं। गरीब और बेघर लोग कागज व पत्ते जलाकर ठंड से मुकाबला करते दिखाई दिए।

हालांकि पालिका द्वारा हाटा में 50 शैय्याओं का रैन बसेरा संचालित किया जा रहा है और वहाँ पहुँचाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी है, लेकिन अलाव व्यवस्था बेहद कमजोर है। पारा शनिवार को नौ डिग्री तक पहुँच गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द अलाव व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं।




फोटो - 29 बच्चों के न आने से स्कूल में बैठीं शिक्षिकाएं। संवाद
स्कूलों में सन्नाटा, छुट्टी निरस्त होने के बाद भी नहीं पहुंचे बच्चे

टीचर आग तापते दिखाई दिए अभिभावक बच्चों को भेजने से हिचकिचाए

मुहम्मदाबाद। सुबह से ही घना कोहरा और शीतलहर के चलते स्कूलों में बच्चों की संख्या बेहद कम रही। कई स्कूलों में केवल शिक्षक ही पहुंचे जबकि कुछ स्थानों पर बच्चों को आग तापते देखा गया।

19 दिसंबर की छुट्टी निरस्त होने के बाद भी बच्चों ने स्कूल आने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। कई अभिभावकों ने शीतलहर और कड़कड़ाती ठंड को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया। टीचरों का कहना है कि आदेश देर शाम आया, इसलिए बच्चों तक जानकारी नहीं पहुँच सकी।
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ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों के पास गर्म कपड़ों की कमी है और जमीन पर बैठना पड़ता है, जिससे सर्दी का प्रकोप बढ़ जाता है।

कंबल वितरण में सुस्ती, जरूरतमंद ठंड से बेहाल

जालौन। तापमान में गिरावट के साथ शीतलहर तेज होने से लोग बेहाल हैं। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कंबल वितरण की प्रक्रिया तेज नहीं हो पाई है। निर्धन वर्ग अब भी सरकारी कंबल की प्रतीक्षा कर रहा है।

हिमपात व बारिश की वजह से तापमान लगातार नीचे जा रहा है। दोपहिया वाहन चालकों से लेकर मजदूर तबके तक सभी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द राहत सामग्री वितरित कर गरीबों को राहत दे।
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