उरई। राजकीय मेडिकल कालेज की इमरजेंसी सेवा अस्तव्यस्त है। मरीजों को इमरजेंसी में इलाज के बजाए उन्हें कानपुर व झांसी रेफर कर दिया जाता है। ऐसी ही शिकायत से पीड़ित मरीज के तीमारदार ने जब मुख्यमंत्री समेत अन्य अधिकारियों को ट्वीट किया तो स्वास्थ्य महकमे में हडक़ंप मचा है।
बता दें कि इस साल जब अप्रैल में कोविड काल शुरू हुआ था। उसी वक्त मेडिकल कालेज की इमरजेंसी सेवा बंद कर दी थी। इसके बाद से ही मेडिकल कालेज कोविड के रूप में अधिक कार्य कर रहा है। कोविड का खौफ कम होने पर जून में कुछ समय के लिए इमरजेंसी चालू हुई। और फिर सुविधाएं बंद पड़ी है। ऐसे में घायल अथवा गंभीर अवस्था में आने वाले मरीजों को इमरजेंसी सुविधा के बजाए इधर-उधर रेफर कर दिया जाता है। जिस कारण आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों और उनके तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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इमरजेंसी कर रही डेंगू वार्ड का काम
इमरजेंसी को पहले कोरोना के कारण बंद रखा गया तो अब उसका इस्तेमाल डेंगू वार्ड के लिए किया जा रहा है। इमरजेंसी के भीतर डेंगू वार्ड की स्लिप भी चस्पा है। इससे भी स्पष्ट है कि सिर्फ बुखार के मरीजों को देखा व रखा जा रहा है।
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केस-1-
डकोर ब्लाक के गुढ़ा निवासी रामप्रकाश मेडिकल के बाहर अपनी मां बूंदारानी के साथ मेडिकल कालेज आए थे, बताया कि उनके फेफड़े में समस्या है। जिसके इलाज में वह तीन लाख रुपये से ज्यादा खर्च कर चुके हैं। मेडिकल कालेज गए थे। किसी ने बाहर से यह कहकर वापस कर दिया कि वहां इमरजेंसी सेवा चालू नहीं है। अब वह प्राइवेट नर्सिंग होम जा रहे हैं।
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केस-2-
कदौरा ब्लाक के मंगराया निवासी कामता अपने पिता को लेकर इमरजेंसी में इलाज के लिए आए थे। उन्हें सांस की समस्या थी। इमरजेंसी गेट बंद था। वहां ऐसा कोई संकेतक नहीं लगा था। जिससे पता लग सके कि कहां जाना है। वह इमरजेंसी बंद देखकर वापस लौटने लगे। अंदर इमरजेंसी में डेंगू वार्ड का बोर्ड लगा था। तभी किसी ने बताया कि कोविड अस्पताल में इमरजेंसी मरीज देखे जा रहे हैं।
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केस-3-
मेडिकल कालेज में ओपीडी में दिखाने आए मरीज पानी के लिए परेशान होते है। ऐसे ही कोंच से दांत का इलाज कराने आए अब्दुल राईन ने बताया कि वह सब्जी व्यापारी है। डॉक्टर को दिखाने के बाद पानी नहीं मिल रहा है। दोनों वाटर बूथ खराब पड़े है। कोई समस्या नहीं सुन रहा है। पता चला है कि बाहर पानी मिलेगा। लेकिन कितनी दूरी पर मिलेगा, यह पता नहीं है। वह प्यास से परेशान है।
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बोले जिम्मेदार,,,,,,,,,,
इमरजेंसी सेवाएं बिल्कुल भी बंद नहीं है, मेडिकल कालेज में आक्सीजन पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जिस कारण कुछ दिनों से इमरजेंसी में मरीज नहीं देखे जा रहे हैं। पर किसी को लौटाया भी नहीं जा रहा है। सिर्फ अत्याधिक गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाता है, बाकी का इलाज किया जा रहा है।
प्राचार्य डॉ डी नाथ