मेडिकल कालेज जालौन को नियामक संस्था दिल्ली से ट्रामा सेंटर हास्पिटल और
ट्रामा टेक्नीशियन प्रशिक्षण कराने की अनुमति मिल गई है। कालेज में जल्द ही
यह कोर्स शुरू करा दिया जाएगा। इसके साथ ही यहां ट्रामा सेंटर भी चालू कर
दिया जाएगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार
प्रतिवर्ष 50 लाख से ज्यादा लोग सड़क एक्सीडेंट मेें घायल हो जाते हैं।
इसमें लगभग 12 लाख लोगों को समय से इलाज न मिल पाने से वह मौत केे मुंह में
चले जाते हैं। इसके अलावा कई लोग अपंग हो जाते हैं। ऐसे में ट्रामा
सेंटरों का महत्व काफी बढ़ गया है। इस बाबत उरई मेडिकल कालेज में भी
करीब
पांच करोड़ से ट्रामा सेंटर खोला गया लेकिन सुविधाओं के अभाव में यह चालू
नहीं हो सका। अब मेडिकल कालेज को ट्रामा टेक्नीशियन प्रशिक्षण कोर्स चलाने
की अनुमति मिल गई है। इससे यहां ट्रामा सेंटर के भी जल्द ही शुरू होने की
उम्मीद जगी है। इसके लिए राजकीय मेडिकल कालेज जालौन में संबंधित विभागों के
चिकित्सा शिक्षक, रेजीडेंट एवं ट्यूटरों को नियुक्त कर लिया गया है।
क्या है ट्रामा टेक्नीशियन प्रशिक्षण कोर्स
ट्रामा
टेक्नीशियन प्रशिक्षण कोर्स पैरामेडिकल कोर्स के अंतर्गत आता है। इसमें
अस्थि रोग विभाग, सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, एनेस्थीसिया, कम्युनिटी मेडिसन
एवं फॉरेंसिक मेडिसन आदि की विशेष जानकारी दी जाती है। यह प्रशिक्षण दो
वर्ष का होगा। यह कोर्स एमबीबीएस, बीएमएस, बीडीएस व बीएससी बायोग्रुप के
विद्यार्थी कर सकते हैं।
माडलर ओटी होगी शुरू
राजकीय मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में माडलर ओटी शुरू होगी। इसमें तीन सर्जन डाक्टर एक साथ मरीज का आपरेशन कर सकेंगे।
वर्जन
राजकीय
मेडिकल कालेज में ट्रामा टेक्नीशियन प्रशिक्षण का कोर्स शुरू होते ही
मेडिकल कालेज के हॉस्पिटल में ट्रामा सेंटर का भी संचालन शुरू हो जाएगा।
-डॉ. सुरेश चंद्र, राजकीय मेडिकल कालेज, जालौन