उरई/कोंच। पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर गुरुवार को महिलाओं ने परंपरागत तरीके से वट सावित्री व्रत किया। सुबह से ही सुहागिनें विभिन्न जगहों पर वट वृक्ष के नीचे जुटने लगीं थीं। विधि-विधान के साथ वट सावित्री की पूजा-अर्चना कर कथा सुनी।
वट वृक्ष के चारों ओर रक्षासूत्र बांधकर पति की लंबी उम्र की कामना का आशीर्वाद मांगा। इस पूजा से उनके पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य का भी वरदान प्राप्त होता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी, इसलिए सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत बहुत महत्वपूर्ण है। वट सावित्री व्रत करने वाली महिलाएं सोलह श्रृंगार करके बरगद के पेड़ के पास पूजा-अर्चना करतीं हैं और प्रदक्षिणा कर पेड़ में कच्चा सूत लपेटते हुए अपने पति की लंबी उम्र की कामना करतीं हैं।
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फोटो-24-वट वृक्ष के नीचे करवा बदलते नव विवाहित। संवाद
नव विवाहित जोड़े ने वट वृक्ष के नीचे बदले करवा
कोंच। बुंदेलखंड की कई अनोखी परंपराएं हैं, वट सावित्री के व्रत पर्व पर नए विवाहित जोड़ों ने अपने साथी के साथ गांठ बांधकर वट वृक्ष की पूजा अर्चना करते हैं। इसी के साथ नव विवाहित जोड़े बरगद के पेड़ के नीचे एक दूसरे से करवा भी बदलते हैं।
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हवन पूजन के साथ की पूजा
कालपी। कालपी नगर के रामगंज, मनीगंज, टरननगंज, आलमपुर आदि मोहल्लों में सुबह से महिलाएं वट वृक्ष के नीचे पहुंचकर हवन पूजन अर्चना की। महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा लगाकर अपने अपने पतियों के दीर्घायु होने की कामना की। (संवाद)