माधौगढ़। भंडारे का बासी प्रसाद खाकर गांव के दो दर्जन से अधिक लोग अचानक बीमार पड़ गए। जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। आनन फानन में डॉक्टरों की टीम व एंबुलेंस मौके पर पहुंची और बीमारों को सीएचसी पहुंचाया गया। जहां से छह लोगों को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। रेफर होने वालों में पांच साल की एक बच्ची भी है। अस्पताल के डॉक्टर अब्दुल अंसारी का कहना है कि फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं। मामला फूड प्वाइजनिंग का ही लग रहा है।
क्षेत्र के ग्राम मिझौना में कारसदेव के स्थान पर (चबूतरे) पर गांव के ही उमाशंकर कुशवाहा की ओर से बुधवार को भंडारा कराया गया था। ग्रामीणों की मानें तो भंडारे की बची हुई खीर पूड़ी गुरुवार सुबह भी बांटी गई। कई लोगों के तो घरों में भी भंडारा पहुंचाया गया। दोपहर होते ही भंडारा खाने वालों को उल्टी दस्त शुरू हो गए। करीब करीब हर दूसरे घर से लोगों को उल्टी होने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। जैसे ही सूचना फैली तो सीएचसी की टीम व एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची और बीमारों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो गया।
देर शाम तक करीब 25 से 30 लोग उल्टी दस्त का शिकार हुए। इनमें हर उम्र के लोग शामिल थे। बीमारों में छह लोगों को देर शाम इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। सीएचसी प्रभारी के मुताबिक जिन्हें रोका गया है, उनकी हालत में काफी सुधार है और जल्द उन्हें छुट्टी भी कर दी जाएगी। वहीं सीएमओ अल्पना बरतरिया का कहना है कि जिला अस्पताल भेजे गए सभी बीमारों का उचित इलाज किया जा रहा है। एसडीएम सालिगराम का कहना है कि मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजी गई है और बांटे गए खीर पूड़ी के भी नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीमार कस्तूरी।- फोटो : ORAI