उरई (जालौन)। पंद्रह साल पहले कोंच कोतवाली में हुए तिहरे हत्याकांड मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद सीओ, तीन दरोगा और चार सिपाहियों को अदालत ने दोषी करार दिया। इन सभी को अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह की अदालत में हिरासत में ले लिया गया। अदालत ने सजा पर फैसले के लिए शुक्रवार का दिन नियत किया है।
पहली फरवरी 2004 को कोंच कोतवाली में तैनात रहे कोतवाल देवदत्त सिंह राठौर (अब मृत) ने कोतवाली परिसर में बहस होने पर अपनी सर्विस रिवाल्वर से कोंच निवासी सपा नेता सुरेंद्र निरंजन और उसके भाई रोडवेज यूनियन नेता महेंद्र निरंजन व दोस्त दयाशंकर झा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस कांड के बाद कोंच मेें जमकर बवाल हुआ था।
तत्कालीन एसपी व डीएम के साथ पुलिस फोर्स ने बड़ी मुश्किल से इंस्पेक्टर को काबू कर उनकी गिरफ्तारी की थी। मुकदमे के अनुसार इंस्पेक्टर के अलावा कोतवाली में मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी गोलियां चलाई थीं। शासन ने मामले में तत्कालीन एसपी आरके त्रिपाठी को निलंबित भी किया था।
मृतकों के परिजनों की ओर से इंस्पेक्टर राठौर के अलावा साथी पुलिस कर्मी भगवान सिंह, लालमणि समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया था।
इंस्पेक्टर डीडीएस राठौर की जेल में ही मृत्यु हो चुकी है। बृहस्पतिवार को इसी मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट में आठों पुलिस कर्मियों को दोषसिद्ध होने पर हिरासत में ले लिया गया। इनमें दोषी भगवान सिंह वर्तमान में कानपुर में सीओ के पद पर तैनात हैं। दारोगा लालमणि गौतम सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शुक्रवार को मामले में सजा सुनाई जाएगी।