फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फूलों की होली, करमा व घूमरा नृत्य की रही धूम

Wed, 28 Oct 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालौन
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन दिवसीय राष्ट्रीय लोक कला महोत्सव का मंगलवार को लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों के साथ समापन हो गया। समापन समारोह के दौरान फूलों की होली व रासलीला का आयोजन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान विभिन्न प्रदेशों से आए बाल कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों की दर्शकों ने सराहना की।
विज्ञापन


कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजक मंडल की ओर से कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया। इस दौरान लोक कलाओं व भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया गया गया। महोत्सव में बुदेलखंड का आल्हा गायन किया गया।

इसके अलावा दिवारी नृत्य ने दर्शकों की तालियां बटोरीं और यहां की संस्कृति व लोक कलाओं को जीवंत कर दिया। एक ही मंच पर जहां बुंदेली छटा बिखरी तो उसी मंच पर उड़ीसा की लोक कला घूमरा नृत्य व वहां के पारंपरिक गीत के साथ उतरी।
विज्ञापन


इसके अलावा बृज की संस्कृति बृज नृत्य व फूलों की होली के जरिए सामने आई। कार्यक्रम में बृज की होली व गीत छत्तीसगढ़ की टीम की ओर से प्रस्तुत किया गया। इसे लेकर टीम की सराहना भी हुई। इसके अलाव महाराष्ट्र, पूर्वांचल के लोक संस्कृति की भी झलक कार्यक्रम में देखने को मिली।

कलाकारों को कार्यक्रम संयोजक संस्कार भारती व लोकमंगल के पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। समापन समारोह में डीएम रामगणेश ने कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिवर्ष होने चाहिए। लोक कलाओं का प्रदर्शन ही नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।

उन्होंने जनपद की प्रतिभाओं की प्रशंसा की और कहा कि यहां हर गांव में प्रतिभा छिपी हुई है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनयूजेआई के महासचिव रतन दीक्षित ने लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति को बचाना आवश्यक है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें