उरई। बीएसएनएल चौराहे पर रखे ट्रांसफार्मर को बदलने पहुंचे लाइनमैन को करंट लग गया। घटना शुक्रवार दोपहर की है। ट्रांसफार्मर गुरुवार रात 11 बजे फुंक गया था, लेकिन 20 घंटे बीत जाने के बावजूद विद्युत विभाग सप्लाई बहाल नहीं कर पाया था। जब नया ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन जोड़ने का प्रयास किया गया, तभी यह हादसा हो गया।
लाइनमैन आसिफ खंभे पर चढ़कर फीडर से कनेक्शन अलग कर रहा था। करंट की चपेट में आकर वह नीचे गिर पड़ा। सिर फट गया और पैर में गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि जिस लाइन पर वह काम कर रहा था, वह चालू थी और बंद नहीं की गई थी। जेई गौरव कुमार मौके पर पहुंचे और इलाज की व्यवस्था कराई। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद अन्य कर्मचारियों को भेजकर ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
20 घंटे तक अंधेरे और पानी को तरसे लोग
गुरुवार की रात करीब 11 बजे बीएसएनएल चौराहे के पास रखा ट्रांसफार्मर फुंक गया था, जिससे राजेंद्र नगर और कुर्मी कॉलोनी की बिजली सप्लाई ठप हो गई। करीब दो हजार की आबादी इस समस्या से प्रभावित हुई। शुक्रवार की सुबह होते-होते लोगों के इनवर्टर जवाब देने लगे। मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे थे। मोहल्ले के निवासी मनीष, पंकज, रोहित, दीक्षित, अरुण, गोलू आदि ने बताया कि गुरुवार की रात से बिजली न होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिन में नया ट्रांसफार्मर आ गया था, लेकिन बिजली विभाग उसे बदल नहीं सका।
लापरवाही से हुआ हादसा
ट्रांसफार्मर जैसी गंभीर तकनीकी समस्या को लेकर विभाग की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। यदि लाइन समय से बंद की गई होती तो हादसा टल सकता था। सवाल यह भी उठता है कि क्या सुरक्षा मानकों के पालन के बिना ही कर्मचारियों को जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा है। लाइनमैन के हादसे के बाद उसके सहयोगियों और परिजनों में रोष है। कर्मचारियों की मांग है कि आसिफ के इलाज का पूरा खर्च विभाग वहन करे।
लाइनमैन को झांसी दिखवाने के लिए स्वयं जा रहा हूं। उसकी पूरी मदद की जाएगी जब तक वह ठीक नहीं हो जाएगा। डॉक्टर ने बताया कि अभी वह खतरे से बाहर है, लेकिन कुछ गंभीर चोट आई हैं गिरने के कारण। हादसा किस वजह से हुआ इसकी जांच की जाएगी।
गौरव कुमार, जेई, बिजली विभाग