उरई। तीन साल पहले नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने वाले पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर एक लाख पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा काटने पड़ेगी। पीड़िता को 50 हजार रुपये देने के आदेश भी कोर्ट ने दिए हैं।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 19 फरवरी 2023 को वह घर के कमरे में सो रही थी। रात 12 बजे कमरे में उसके पिता आए और मुंह दबा लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने तीन दिन बाद आरोपी पिता के खिलाफ दुष्कर्म सहित पॉक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की और उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण करवाकर कर कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए जहां उसने पिता के खिलाफ दुष्कर्म की बात कही थी।
पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट में ढाई साल चले ट्रायल के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज हुए। बुधवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने आरोपी पिता को नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और एक लाख पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।
तीन दिन तक बिना खाना खाए-पिए रोती रही थी पीड़िता
दुष्कर्म के बाद आरोपी पिता ने पीड़िता को इतना डरा दिया था कि वह किसी से कुछ नहीं बता रही थी। वह कमरे में अकेली बैठी तीन दिन तक भूखी-प्यासी रोती रहती थी। उसके बाद उसके अन्य परिजनों ने जब इसके बारे में जानकारी ली तो उसने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी उन्हें दी। परिजनों ने उसे हिम्मत दी तो पीड़िता कोतवाली पहुंची और पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि घटना के समय उसकी मां पिता से अलग रहती थी। वह बेटी के साथ ही रहता था।