पंचायतों के सशक्तीकरण पर आयोजित कार्यशाला में जानकारी देते अमित द्विवेदी व अन्य
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उरई। ग्राम पंचायत सशक्तीकरण संस्थान द्वारा चलाए जा रहे पंचायत सशक्तीकरण अभियान के कार्यक्रम ‘बात पंचायतों की’ में रविवार को पंचायतों के सशक्तीकरण पर मीडिया वर्कशाप हुई। वक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि ग्रामीणों में जागरुकता का अभाव भी ग्रामों के विकास तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधक है। गांव के व्यक्ति को अत्यधिक कागजी प्रक्रिया से बचाकर प्रक्रिया को सरल किया जाए।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा ने सुझाव दिया कि ग्राम विकास के लिए वहां के लोगों की सोच बदलना बहुत जरूरी है। बिना जन सहभागिता के विकास की परिकल्पना नहीं की जा सकती। मनोज शर्मा ने कहा कि जब विपक्ष मजबूत होगा तो जवाबदेही तय होगी। सुधीर त्रिपाठी ने सुझाव दिया कि कार्यों और आर्थिक गतिविधियों के लिए ग्राम स्तरीय मानीटरिंग कमेटी हो तथा शिक्षित और जागरूक व्यक्ति को पंचायत का नेतृत्व मिले जो विकास की गति बढ़ेगी।
इस दौरान संजय गुप्ता, सुरेश खरकया, हेमंत, धनंजय, सुनील, महावीर, विनय, रंजीत, मानवेंद्र, नसीम सिद्दीकी, रामजीवन, विकास गुप्ता, जगत सिंह, संजीव सिपौलया आदि रहे। संचालन अभियान के अध्यक्ष अमित इतिहास तथा महासचिव सारिका तिवारी आनंद ने किया। अध्यक्षता पंचायती राज के राज्य प्रशिक्षक सुल्तान मेहंदी ने की। इस दौरान समन्वयक आराधना चौहान, उपाध्यक्ष सुनीता राज, सुधा प्रजापति आदि रहे।