उरई। पीएम पोषण योजना के तहत जिले के 888 परिषदीय विद्यालयों में स्कूल न्यूट्रीशन गार्डेन (किचन गार्डन) विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए सभी विद्यालयों को दो-दो हजार रुपये की धनराशि उनके खाते में भेजी जा रही है। इसमें मौसमी और पौष्टिक सब्जियां उगाई जाएंगी। जो मिड डे मील में काम आएगी। मिड डे मील खाने वाले बच्चों को पौष्टिक सब्जियां मिलने से उनकी सेहत में सुधार होगा।
किचन गार्डन बनाने के लिए मटके, बोरे, जूट के थैले, क्यारी, गमले आदि का उपयोग किया जाएगा। जिले में 1612 विद्यालयों में मिड डे मील योजना संचालित है। यहां 3614 रसोइयां तैनात हैं जो बच्चों को मिड डे मील तैयार करती हैं। बीएसए चंद्रप्रकाश ने बताया कि पिछले साल 610 विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने के लिए पैसा दिया गया था। इस साल 888 विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने की तैयारी है।
किचन गार्डन के लिए दीवार और छतों का किया जाएगा उपयोग
जिला समन्वयक मिड डे मील अजातशत्रु राजपूत ने बताया कि जिन स्कूलों में पर्याप्त जगह नहीं होगी, वहां किचन गार्डन के लिए अतिरिक्त विकल्प के रूप में दीवार के सहारे बेल वाली सब्जियां लौकी तोरई आदि उगाई जाएंगी। साथ ही छत बरामदे वाले स्थानों पर गमलों में टमाटर, हरी मिर्च, भिंडी, बैगन आदि के पौधे उगाए जाएंगे।
ब्लॉकवार किचन गार्डन बनाने की स्थिति
ब्लॉक का नाम किचन गार्डन
नदीगांव 111
डकोर 103
कदौरा 110
माधौगढ़ 98
महेबा 97
कुठौंद 94
कोंच 81
जालौन 80
रामपुरा 65
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नगरीय क्षेत्र किचन गार्डन
उरई 12
कालपी 19
जालौन 10
कोंच 07
वर्जन
किचन गार्डन बनाने के लिए सभी विद्यालयों को दो दो हजार रुपये दिए गए हैं। साथ ही सभी विद्यालयों को मोहलत दी गई है कि तीन महीने के भीतर अपने विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार कर लें। साथ ही इसकी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराए।
चंद्रप्रकाश, बीएसए जालौन