उरई। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिले के ग्राम खकसीस को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह जिले का पहला ऐसा गांव होगा, जहां 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा पर आधारित संरचना तैयार की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाना और स्वच्छ ऊर्जा का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार, हर जिले में एक गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। जनपद में खकसीस को इस योजना के लिए चुना जाना न केवल गांव के लिए बल्कि जिले के लिए भी गौरव का विषय है। यह पहल न केवल बिजली बचत को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी, और ग्राम्य अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
योजना के तहत खकसीस गांव के लगभग 1300 घरों में रूफ टॉप सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, गांव की हर गली, सड़क, सार्वजनिक स्थल और सरकारी संस्थानों को भी पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जाएगी, जिससे सभी जरूरी सौर उपकरण और ढांचे तैयार किए जाएंगे। परियोजना को पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए हर सप्ताह जिला स्तर के अधिकारी गांव का निरीक्षण कर रहे हैं। पिछले एक महीने से गांव में लगातार सर्वे कार्य चल रहा है और अगले एक महीने तक इसे और बेहतर ढंग से अंजाम दिया जाएगा, ताकि कोई पहलू छूट न जाए।
नेडा के परियोजना अधिकारी राकेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान में सर्वे का कार्य प्रगति पर है। ग्रामीणों से बातचीत कर आवश्यक जानकारी ली जा रही है। सबसे पहले सरकारी दफ्तरों में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जाएगी। मई के अंत तक सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। जुलाई-अगस्त तक बजट स्वीकृति की संभावना है और दिसंबर तक निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।