उरई। हम सभी कोरोना वायरस से बचने के लिए लॉकडाउन में रह रहे हैं। बच्चे हों या बुजुर्ग सभी को सरकार द्वारा अनेक उपाय बताए गए हैं जिससे वह स्वस्थ रहें तथा उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत हो। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को भी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए।
जिला महिला अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. एमके वर्मा का कहना है कि गर्भावस्था के समय गर्भवती को पौष्टिक व प्रतिरोधक क्षमता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए और अब तो हम इस समय कोरोना के संक्रमण से जूझ रहे हैं ऐसे में गर्भवती को खुद का अधिक ध्यान रखना चाहिए। उन्हें भोजन में कार्बोहाईड्रेट फल, फैट, पौष्टिक आहार, प्रोटीन, विटामिन आदि को शामिल कर संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ अखरोट, बादाम, हल्दी आदि का सेवन करें। खाना सफाई से बना हुअ ताजा एवं अच्छे से पका हुआ ही खाएं। फलों व सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से धो लें। गुनगुने पानी का सेवन करें। जंक फूड का सेवन नहीं करना चाहिए।
भोजन में शामिल करें पौष्टिक आहार
गर्भावस्था की पहली तिमाही में कम से कम एक पौष्टिक नाश्ते के साथ तीन मुख्य भोजन करना चाहिए। साथ ही 5 मिलीग्राम की फोलिक एसिड की एक गोली रोजाना लेनी चाहिए। दूसरी और तीसरी तिमाही में 2 पौष्टिक नाश्ते के साथ 3 मुख्य भोजन का सेवन करना चाहिए। साथ ही आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) की रोजाना एक गोली का सेवन करना चाहिए जिसे प्रसव के बाद 6 माह तक जारी करना चाहिए। आयरन व कैल्शियम का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए। कैल्शियम को दूध के साथ और आयरन को विटामिन सी जैसे नीबू पानी आदि के साथ लेना चाहिए।
घर के अंदर ही योग करें गर्भवती
गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 20 से 25 मिनट योग या साधारण इनडोर स्ट्रेचिंग व्यायाम या सरल योग व्यायाम करना चाहिए। एल्कोहल, तंबाकू जैसे नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। प्रतिदिन कम से कम 8 से 10 गिलास पानी या तरल पदार्थ पीने चाहिए। खाना बनाने से पहले, खाना खाने के बाद, शौचालय जाने के बाद, नाखून काटने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोने चाहिए। शौचालय के उपयोग और सुरक्षित पीने के पानी से संक्रमण को रोका जा सकता है। यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई हो तो देखभाल करें। स्वास्थ्य सुविधा जाने से पहले कॉल कर चिकित्सीय सलाह का पालन करें।