कोंच। साहित्यिक संस्था वागीश्वरी साहित्य परिषद की मासिक काव्य गोष्ठी द्वारिकाधीश मंदिर में आयोजित हुई। इसमें कवियों, साहित्यकारों और शायरों ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं को आनंदित किया। गोष्ठी की अध्यक्षता कवि ओंकारनाथ पाठक ने की और संचालन नंदराम भावुक ने किया।
संतोष तिवारी सरल ने सरस्वती वंदना से गोष्ठी को गति प्रदान की। कवि सुनीलकांत तिवारी ने आज के माननीयों को तीखा तंज कसा-सकल संपदा मुल्क की शरणागत श्रीमान, चरिए चाहे लूटिए कलियुग के भगवान। नरेंद्र मोहन मित्र ने सुनाया-आ गया उनका पैगाम देखा जाएगा, जानता हूं बस वहां पर काम देखा जाएगा। डॉ हरिमोहन गुप्त ने कवि धर्म की सुंदर व्याख्या की- केवल मनोरजंन नहीं कवि धर्म है, साहित्य दे कुछ प्रेरणा कवि कर्म है। संतोष तिवारी सरल ने रचना पढ़ी-मन का सब अवसाद मिटाएं, इतने ज्यादा विटप लगाएं। व्यंग्यकार ओंकारनाथ पाठक ने कहा-जब किसी को जरूरत से ज्यादा खूबसूरत पत्नी मिल जाती है, बर्तन धोने की इच्छा अपने आप आ जाती है। राजेशचंद्र गोस्वामी ने सुनाया-आज नहीं तो कल सही नवप्रभात आएगी। वीरेंद्र त्रिपाठी ने बुंदेली में तंज कसा-जो लौ पइसा रहे पास में तौनो प्रीति पुरानी, पइसा गए बात न पूंछ मांगें देत पानी।भास्कर सिंह मणिक्य ने सुनाया-लाना है क्रांति अब हमें शांति की, भ्रांतियों को दूर करना ही पड़ेगा। इस दौरान आनंद शर्मा अखिल, नंदराम भावुक, आशाराम मिश्रा, प्रेमनारायन चौधरी, राजेंद्र सिंह रसिक, अखिलेश, अमर सिंह, नरेंद्र, चंद्रशेखर नगाइच आदि मौजूद रहे।
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जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए जागरूक करें
- विश्व जनसंख्या दिवस व पर्यावरण विषय पर गोष्ठी का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कोंच। एसआरपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ हरिपति सहाय कौशिक ने कहा कि तेजी से बढ़ रही जनसंख्या से भारत जैसे विकासशील राष्ट्र की अर्थव्यवस्था, खाद्यान्न और सामाजिक व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। जनसंख्या निरंतर बढ़ने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं और प्रतिस्पर्धा बढ़ती रही है। अगर परिवार छोटा रहेगा तो संसाधन पर्याप्त रहेंगे। यह बात उन्होंने विश्व जनसंख्या दिवस व पर्यावरण विषय पर हुई संगोष्ठी के दौरान कही।
विद्यालय में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए लोगों को जागरूक होना होगा और इसकी पहल भी खुद से करनी होगी। जनसंख्या एवं पर्यावरण के सृजन में समाज को आगे आकर अपनी अहम भूमिका का निर्वाह करना ही होगा। वक्ताओं ने भी जनसंख्या वृद्धि को स्थिर करने तथा पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया। संचालन प्रवक्ता अवनीश लोहिया ने किया। इस दौरान डॉ रमेश चंद्र पांडे, सूर्यकांत रावत, एसपी सिंह, बृजेंद्र अहिरवार, साकेत शांडिल्य, नरेंद्र परिहार, अतुल, रवींद्र, उदय चंद्र, केके गुप्ता, अनुपम शर्मा, मैथिलीशरण, शिवपाल सिंह, नागेंद्र, जागेश आदि मौजूद रहे।