रामपुरा के पचनदा संगम में कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों लोगों ने श्रद्धा की
डुबकी लगाई। इस दौरान लोगों ने बाबा साहब व कालेश्वर महाराज मंदिरों में
पूजा अर्चना भी की। श्रद्धालुओं ने यहां लगे मेले में खरीदारी भी की। इस
दौरान पुलिस प्रशासन की चौकस व्यवस्था रही। इधर, कालपी में भी हजारों
श्रद्धालुओं ने आधा दर्जन घाटों पर पहुंचकर पवित्र यमुना में डुबकी लगाई व
पूजा अर्चना की।
रामपुरा प्रतिनिधि के अनुसार जनपद के ऐतिहासिक स्थल
पांच नदियों के संगम पचनदा में बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा पर औरैया,
इटावा, जालौन, भिंड, ग्वालियर, मुरैना जनपद से पहुंचे हजारों श्रृद्धालुओं
ने पवित्र डुबकी लगाई। मंगलवार की देर रात से ही श्रृद्धालुओं का जीपों,
मैजिकों, ट्रैक्टरों, बसों व दुपहिया वाहनो से आना शुरू हो गया था। भोर
शुभ मुहूर्त में पचनदा घाटों
पर लोगों ने डुबकी लगाना शुरू कर दिया था।
पूरे दिन स्नान करने वालों का तांता घाटों पर लगा रहा। स्नान करने के बाद
लोगों ने बाबा साहब मंदिर में पूजा की। इसके बाद इटावा जनपद की सीमा में
स्थित कालेश्वर महाराज मंदिर में पूजा की। मेला प्रबंध कमेटी के हरगोविंद व
अंजनी मिश्रा ने बताया कि यहां लाखों लोग स्नान करने पहुंचते हैं। इससे इस
मेले को क्षेत्रीय लोग
लक्खी मेला भी बोलते हैं। कहा कि पिछले वर्ष की
तुलना में इस बार मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत ही अधिक
रही है। वहीं थानाध्यक्ष राजा भइया ने बताया कि इस बार पचनदा मेले की
सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही तय कर ली गई थी। कालपी प्रतिनिधि के
अनुसार कालपी में कार्तिक पूर्णिमा पर यमुना स्नान का विशेष धार्मिक महत्व
है। बुधवार को भोर
होते ही हजारो श्रद्धालुओं का यमुना नदी की ओर कूच
शुरू हो गया। ढोडे़श्वर घाट, बाईघाट, पीला घाट, राधा माधव घाट, किला घाट,
व्यास घाट, राजघाट आदि पर लोगों ने यमुना नदी में डुबकी लगाई। स्नान के
उपरांत प्राचीन महत्व के ढोडे़श्वर
मंदिर, पातलेश्वर मंदिर, व्यास मंदिर,
राधा माधव आदि मंदिरों में पूजा अर्चना की। वहीं पर्व को लेकर स्थानीय
प्रशासन काफी मुस्तैद रहा। पालिकाध्यक्ष करम अहमद के निर्देशों के तहत
यमुना नदी के घाटों की व्यापक तरीकेे से साफ सफाई कराई गई। एसडीएम गोरेलाल
शुक्ला, सीओ महेद्र कुमार मौजूद रहे।