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Kanpur: बिल्हौर के नानामऊ में तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, डूबीं 10 सीढ़ियां; तटीय इलाकों में बढ़ा खतरा

सार

Kanpur News: बिल्हौर तहसील क्षेत्र के नानामऊ स्थित गंगा तट पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के चलते घाट की करीब 10 सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। वहीं, तेज बहाव के साथ बड़ी मात्रा में जलकुंभी बहकर घाट तक पहुंच रही है, जिससे नदी किनारे का नजारा पूरी तरह बदल गया है।
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नानामऊ गंगा घाट पर लगातार बढ़ रहा जलस्तर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर देहात व नगर के सीमावर्ती बिल्हौर तहसील अंतर्गत नानामऊ स्थित गंगा तट पर जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से गंगा का पानी तेजी से बढ़ने के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

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बढ़ते जलस्तर के प्रभाव से अब तक नानामऊ घाट की करीब 10 सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। नदी का बढ़ा हुआ दायरा और तेज उफान घाट के आसपास स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे किनारे का पूरा दृश्य बदल गया है।

नानामऊ गंगा घाट पर लगातार बढ़ रहा जलस्तर - फोटो : amar ujala

तेज बहाव के साथ बहकर आ रही जलकुंभी, घाटों पर बदला नजारा

गंगा के उफान के साथ ही पानी के तेज बहाव में बड़ी मात्रा में जलकुंभी भी बहकर आ रही है। घाट किनारे भारी मात्रा में जलकुंभी जमा होने और पानी का स्तर लगातार ऊपर उठने से स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बहकर आ रही जलकुंभी के कारण घाटों के आसपास पानी की स्थिति और विकराल दिखाई देने लगी है। स्थानीय नाविकों और ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

नानामऊ गंगा घाट पर लगातार बढ़ रहा जलस्तर - फोटो : amar ujala

तटीय इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से नानामऊ और आसपास के निचले तथा तटीय इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में हो रही इस वृद्धि को देखकर स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

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ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का बढ़ना इसी तरह जारी रहा तो कटान शुरू होने के साथ-साथ पानी आबादी वाले क्षेत्रों और फसलों तक पहुंच सकता है। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग भी जलस्तर की निगरानी में जुट गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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