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Jalaun News: जनऔषधि केंद्र में अश्वगंधा, प्रोस्टेट बीमारी की दवा नहीं

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फोटो-6-जन औषधि केंद्र का निरीक्षण करते सिटी मजिस्ट्रेट व सीएमएस। संवाद - फोटो : 1
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उरई। जिला अस्पताल में संचालित जनऔषधि में जरूरी दवाइयां न होने की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा ने निरीक्षण किया। इस दौरान संचालक संजय ने बताया कि उनके पास वैसे तो सभी निर्धारित दवाइयां हैं। सिर्फ अश्वगंधा और प्रोस्टेट बीमारी से संंबंधित एक-दो दवाइयां नहीं हैं। डिमांड लगा दी है। इसी बीच जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय भी जन औषधि केंद्र में पहुंच गए। उन्होंने भी केंद्र संचालक से दवाओं की लिस्ट लेकर दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।
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जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, जालौन, कोंच, कालपी, कदौरा, माधौगढ़, नदीगांव, रामपुरा व डकोर में जन औषधि केंद्र संचालित हैं। इसमें सस्ती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। इन केंद्रों पर कई बार मरीजों को जरूरी दवाइयां नहीं मिलती है। इसे लेकर शिकायतें होती हैं। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट जिला अस्पताल के जनऔषधि केंद्र पहुंचे। उन्होंने संचालक से जानकारी ली। साथ ही सीएमएस से जानकारी ली।
सीएमएस ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित एसेंशियल ड्रग लिस्ट (ईडीएल) के अनुसार 240 तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं। अमूमन इन दवाओं से मरीज ठीक हो जाते हैं। कभी कभार इक्का-दुक्का मामलों में दवा की जरूरत पड़ती है। समय से दवाओं की डिमांड लगा दी जाती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों से कहा गया है कि अस्पताल में उपलब्ध दवाओं को ही लिखें। यदि दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है तो साल्ट लिख दें ताकि जन औषधि से दवा मिल सके। कोई भी ब्रांडेड कंपनी की दवा लिखने पर कार्रवाई होगी।
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