उरई। प्रदेश सरकार की ओर से 24 से 26 जनवरी तक मनाए जाने वाले प्रदेश स्थापना दिवस के दौरान 24 जनवरी को मार्गदर्शन केंद्र (कॅरियर कोचिंग) का शुभारंभ किया जाएगा। यह केंद्र जालौन कॅरियर प्रोग्राम की तर्ज पर संचालित होंगे। इस मॉडल को प्रदेश शासन ने सभी जिलों में लागू करने का निर्णय लिया है।
यह जानकारी डीआईओएस भगवत पटेल ने दी। उन्होंने बताया कि जनपद का शिक्षा के क्षेत्र में यह तीसरा प्रयोग है, जो पूरे प्रदेश में लागू होने जा रहा है। यह जिले के साथ भारत विकास परिषद और कोचिंग में पढ़ाने वाले अधिकारियों एवं शिक्षकों के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि जालौन कॅरियर प्रोग्राम जिले के पुस्तकालय सभागार में संचालित किया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2018 से हुई थी। तब 30 बच्चों से इसकी शुरुआत हुई थी। वर्ष 2019 में 50 बच्चों को पढ़ाया गया। वर्ष 2020 में 60 बच्चे अध्ययनरत हैं, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इन तीन सालों में कुल 15 प्रतियोगियों की विभिन्न सरकारी सेवा में नौकरी लग चुकी है। इसमें कुछ शिक्षक, एक रेलवे में पीडब्लूआई, बैंक में कैशियर और पुलिस में चयनित हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए शाम पांच बजे से सात बजे तक रोजाना कोचिंग क्लास संचालित होती है। इसमें सभी जिला स्तरीय अधिकारी बच्चों को पढ़ाने आते हैं। इस समय एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह, एसडीएम कालपी जैनेंद्र सिंह(आईएएस), बीडीओ डकोर गौरव कुमार के अलावा माध्यमिक और बेसिक शिक्षा में तैनात अंकित गुप्ता, श्यामजी गुप्ता, कोमल कुशवाहा, तरुण अग्रवाल जैसे शिक्षक नियमित रूप से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इस प्रोग्राम को कई बार सराहना मिल चुकी है।
डीआईओएस ने यह भी बताया कि इससे पहले दो अन्य प्रयोगों को भी प्रदेश में काफी चर्चा मिली है। इनमें पहला है कौन बनेगा नन्हा कलाम। इस योजना में विज्ञान से संबंधित शिक्षा छात्रों को दी जाती है। मिशन केबीएनके 2017 में शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य विज्ञान आधारित गतिविधियों में रुचि पैदा करने और बच्चों के भीतर वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर दिया जाता है। बाद में छह मार्च 2018 को इस योजना का शुभारंभ किया गया। बाद में सितंबर 2019 में यह परीक्षा वर्ल्ड रिकार्ड में भी शामिल हुई। बताया कि इसी प्रकार दूसरे प्रयोग पुरातन छात्र परिषद की भी चहुुंओर सराहना की जाती है। इस प्रयोग में पुराने छात्र जो बड़ी-बड़ी कंपनियों आदि में उच्च अधिकारी बन गए हैं, उन्हें आमंत्रण देकर बुलाया जाता है। उनसे मदद ली जाती है।