उरई। परशुराम चौक की स्थापना के लिए परशुराम सेना के बैनर तले ब्राह्मण समाज के सर्वदलीय नेताओं ने सोमवार को जिला परिषद चौराहे पर प्रदर्शन किया। नेताओं ने चौराहे पर जाम लगा दिया। इससे चारों ओर यातायात ठप हो गया। करीब आधा घंटे चले जाम में बड़ी संख्या में वाहन फंस गए। कोतवाल, सीओ और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अजीत प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। बाद में 15 दिन में परशुराम चौक की स्थापना का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे के नेतृत्व में ब्राह्मण समाज के नेता कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर में किसी चौराहे का नाम परशुराम चौक करने और वहां पर भगवान परशुराम की प्रतिमा की स्थापना करने को लेकर लंबे समय से मांग करते चले आ रहे हैं। इसके लिए कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं और नगर पालिकाध्यक्ष से भी कई बार मांग की जा चुकी है लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। इसे लेकर आक्रोशित परशुराम सेना के लोगों ने जिला परिषद चौराहे पर पहुंचकर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। सूचना पर जाम को लेकर उनकी कोतवाल एसके सिंह राठौर से बहस भी हुई। इसी बीच सीओ विजय आनंद व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अजीत प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने लोगों को समझाना चाहा लेकिन सपा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुदामा दीक्षित, आशीष चतुर्वेदी, कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनुज मिश्रा, राजीव नारायण मिश्रा, अमित पांडेय उसरगांव, अजय शुक्ला, राज पटसारिया, अमरकांत उदैनिया, राजेश बादल ने आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष ब्राह्मण विरोधी रवैया अपना रहे हैं। लगातार मांग के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काफी देर हो हल्ला के बाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने लिखित आश्वासन दिया कि चौराहे के नामकरण के लिए पालिका बोर्ड की बैठक में कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आदर्श मिश्रा, कन्हैया, पंकज द्विवेदी, राकेश तिवारी, राजू पाठक, रामजी समाधिया, अरविंद शुक्ला, रोहन तिवारी, मनीष पांडेय, उपेंद्र मिश्रा, सुबोध, अंशुल बादल आदि मौजूद रहे।
वाहनों का किया गया रूट डायवर्ट
जाम में बड़ी संख्या में वाहन फंस गए। करीब आधा घंटे तक मान मनौव्वल के बाद जब आंदोलनकारी मानने को तैयार नहीं हुए तो प्रशासन ने जाम में फंसे वाहनों को दूसरे रूट से निकालने की कवायद की। पुलिस कर्मियों ने जिला परिषद की ओर आने वाले वाहनों को जेल रोड होकर कोंच रोड से होते हुए जालौन रोड तक जाने की व्यवस्था की।