कालपी खानकाह दरगाह के बाहर बैठी एडीएम व एएसपी व अन्य अधिकारी
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कालपी। कस्बे में दो कमेटियों के बीच प्रबंधन विवाद के कारण 26 सितंबर से बंद खानकहा मोहम्मदिया दरगाह शुक्रवार को प्रशासन की अनुमति से खोली दी गई। सुबह अपर जिलाधिकारी ने दरगाह में पहुंचकर नई कमेटी के सदस्यों से बातचीत की। सहमति बनने के बाद अनुमति दी गई। इसके बाद खानकाह में मुफ्ती शहर मौलाना अशफाक अहमद बरकाती की इमामत में 9 लोगों के द्वारा जुमे की नमाज अदा की गई।
मालूम हो कि नई कमेटी व पुरानी कमेटी के समर्थकों तथा पदाधिकारियों के बीच में दरगाह परिसर में 26 सितंबर को विवाद हो गया था। पुलिस प्रशासन ने विवादों के चलते 27 लोगों को पकड़कर जेल भेज दिया गया था। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दरगाह के मेन गेट में ताला लगा दिया गया था। तब से खानकाह दरगाह में ताला डला हुआ है। बता दे कि खानकाह दरगाह में रोजाना पांचों वक्त की नमाज अदा होती है तथा जुमे की नमाज में बड़ी संख्या में नमाजियों की तादाद रहती थी। दरगाह में ताला बंदी को लेकर शुक्रवार को धर्मगुरुओं ने जिलाधिकारी डॉ प्रियंका निरंजन से मुलाकात कर दरगाह को खोलने के साथ जुमे की नमाज कराने की मांग की गई थी। इस सिलसिले में दरगाह मेहरारा शरीफ एटा के मौलाना सिबतैन हैदर मियां, उरई के शहर काजी शकील बेग रेहमानी, मौलाना अशफ ाक अहमद बरकाती के द्वारा प्रशासन से सहयोग करने की अपील की थी। शुक्रवार की सुबह अपर जिलाधिकारी पूनम निगम, उपजिलाधिकारी कौशल कुमार, क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, कोतवाल संतोष सिंह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। दरगाह में अभी भी फोर्स तैनात है। पूरे दिन प्रशासन के अफसर भी मौजूद रहे।