एट (जालौन)। ग्राम पचोखरा में ख्याति प्राप्त रामकथा वाचक संत राजेश्वरानंद उर्फ राजेश रामायणी की पहली पुण्यतिथि में पांच कुंडीय श्री सीताराम महायज्ञ में सातवें एवं आखिरी दिन फिल्म जगत के जाने माने गजल गायक चंदन दास ने ‘जब चाहा जज्बात से खेले, जब चाहा तो दिल को तोड़ दिया’ गजल सुनाकर को लोगों को जमे रहने पर मजबूर कर दिया। फिर उन्होंने श्रोताओं की मनपसंद फरमाइशों पर गजलें सुनाकर मन मोह लिया।
कानपुर-झांसी हाईवे से 2 किलोमीटर कोटरा मार्ग पर स्थित शांति आश्रम पचोखरा में राजेश रामायणी की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित महायज्ञ में आखिरी दिन जाने माने गजल गायक चंदन दास ने हम जिधर भी गए सबने पूछा क्या वजह थी हमें छोड़कर गैर के हो गए, बेवफा कौन था फैसला हो गया तो वहीं आ भी जाओ जिंदगी कम है तुम भी नहीं हो तो हर खुशी कम है गजल सुनाकर देर रात्रि तक श्रोताओं को अपनी गजल सुना कर वाहवाही लूटी। करीब एक दर्जन श्रोताओं की फरमाइश पर गजलें सुनाकर सबका मन मोह लिया।
राजेश रामायणी पर भी भजन गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा मैं हमेशा ही उनकी रामकथा से बहुत ही प्रभावित हुआ हूं इसलिए उनकी पुण्यतिथि पर आने का मुझे सौभाग्य मिला है। वहीं मथुरा से आए रामलीला कलाकारों ने रामकथा पर आधारित धनुष यज्ञ लीला प्रस्तुत कर मर्यादा पुरुषोत्तम राम सीता का विवाह संपन्न कराया। इस दौरान महंत गुरु प्रसाद शर्मा, महंत गोपालदास, सुशील पाठक, सतेंद्र पस्तोर, कपिल पटेल, देवेंद्र परिहार, राहुल आदि रहे। महंत गुरु प्रसाद ने बताया कि भंडारा 11 जनवरी को होगा।
गजल सुनते श्रोता।- फोटो : ORAI