कदौरा। भूसा खरीद घोटाले को लेकर नगर पंचायत में इस समय सभासदों की लामबंदी चर्चा का विषय बनी है। एक सभासद ने अध्यक्ष और उनके पति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर लोक आयुक्त सहित जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत की थी। जिसकी जांच अभी चल रही है। लगातार जांचों का सामना कर रहे नगर पंचायत के जिम्मेदार ने आठ से अधिक सभासदों को उरई मुख्यालय में जिलाधिकारी कार्यालय ले जाकर शिकायत करने वाले सभासद पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि 10 व 24 जनवरी 2024 में नगर पंचायत के सभी सभासदों ने चेयरमैन और उनके पति पर रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा कर शिकायत की थी। जिसके बाद जांच और कार्रवाई भी हुई थी। लेकिन अब एक को छोड़कर सभी सभासदों का रुख बदल गया है।
रविवार को उरई गए सभासदों में राजकुमार, राजेश, राजवीर, बसीम शरीफ, दयाराम, कैलाश, अल्ताफ आदि ने डीएम राजेश पांडेय को पत्र देकर बताया कि नगर पंचायत के एक सभासद पूर्व में की गई शिकायत की कॉपी लगा कर शासन व प्रशासन को फर्जी शिकायतें कर रहा है। जबकि उनके द्वारा की गई शिकायत पर अध्यक्ष द्वारा शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। जिस पर अन्य सभासद नगर का विकास कार्य कराना चाहते है। लेकिन साथी सभासद अपनी आपसी रंजिश के चलते पूर्व में की गई शिकायत का पत्र लगाकर शासन व प्रशासन को शिकायती पत्र भेज कर विकास कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
इस मामले पर अध्यक्ष अर्चना शिवहरे ने बताया कि नगर पंचायत के 12 सभासदों मे 10 सभासदों ने डीएम को शपथ पत्र दे कर विकास कार्य में बाधा डालने वाले सभासद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सभासद अंकित कुमार ने कहा कि उनकी शिकायतों से अध्यक्ष घबराई हुई हैं। शिकायतों पर मनगढंत कहानी रच रही हैं। जबकि आधा दर्जन शिकायतों पर जांच अभी चल रही है।
सभासद ने बताया कि कान्हा गोशाला में भूसा खरीद के नाम पर कर्मचारियों के नाम चेक काटने की शिकायत शासन स्तर पर की थी। जिसमें लिपिक सहित तीन कर्मचारी निलंबित हुए थे। इसके साथ ही ईओ वेद प्रकाश यादव को भी लापरवाही बरतने पर शासन ने निलंबित किया था। इसके बाद अन्य शिकायतों पर जांच आने वाली है। इससे घबराकर वह गलत आरोप लगा रही हैं।