उरई/जालौन/कालपी। जिले में आयोजित संपूर्ण थाना समाधान दिवस में शनिवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने संदेश दिया कि फरियादियों को बार-बार तहसील और थाने के चक्कर न लगवाए जाएं। गांव-गांव पहुंचकर मौके पर शिकायतों का निस्तारण किया जाए और राजस्व मामलों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। आटा, जालौन और कालपी में आयोजित थाना समाधान दिवसों में भूमि विवाद, चकरोड, अतिक्रमण, पेयजल और मुआवजे से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। वहीं सुनवाई के दौरान बिना अभिलेख के पहुंचे लेखपालों पर डीएंम ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आटा थाना सभागार में आयोजित संपूर्ण थाना समाधान दिवस में डीएम राजेश कुमार पांडेय व एसपी विनय कुमार सिंह ने फरियादियों की शिकायतों को सुना। समाधान दिवस में कुल 11 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, इनमें से नौ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि दो मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए। इनमें चकरोड पर मिट्टी डाले जाने और हैंडपंप से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं।
उधर, जालौन कोतवाली परिसर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही और सीओ शैलेंद्र बाजपेई की मौजूदगी में आयोजित थाना समाधान दिवस में इस बार 22 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से चार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि अन्य शिकायतों को राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सौंपकर समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए।
वहीं, कालपी कोतवाली में एसडीएम मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता और सीओ अवधेश कुमार सिंह की मौजूदगी में आयोजित थाना दिवस में भूमि विवाद से जुड़े सात प्रार्थना पत्र आए। इनमें चार मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया, जबकि तीन मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को जांच के लिए भेजा गया।
कालपी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मधु प्रभा त्रिपाठी ने कॉलेज की भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई। वहीं ग्राम मगरौल निवासी माता प्रसाद ने बिजली लाइन का तार टूटने से घर में लगी आग के मामले में मुआवजे की मांग की। उसरगांव निवासी सूबेदार ने चकरोड और भूमि की नाप कराने की शिकायत दर्ज कराई।
जमीन पर बैठ गए एसडीएम
थाना समाधान दिवस में एक मानवीय तस्वीर भी देखने को मिली। जालौन के मोहल्ला चिमनदुबे निवासी दिव्यांग रिजवान अली अपनी पानी की समस्या लेकर पहुंचे तो ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही खुद कुर्सी से उठकर उनके पास पहुंचे और जमीन पर बैठकर उनकी शिकायत सुनी। रिजवान ने आरोप लगाया कि दो माह पहले पाइप लाइन लीकेज ठीक करने के दौरान उनका पानी का कनेक्शन काट दिया गया था और दोबारा चालू करने के लिए सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उन्हें भरोसा दिलाया कि अब उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा और जल्द कनेक्शन बहाल कराया जाएगा।