उरई। बदलते मौसम के साथ सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे है। हरी सब्जियों के साथ ही प्याज और आलू के दामों में भी उछाल आया है। वहीं टमाटर समेत अन्य सब्जी भी दोगुने दामों में बिक रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र से सब्जी आ नहीं रही है तो स्थानीय बाजार में भी मंहगाई की मार है। वहीं दूसरे राज्यों और जिलों से सब्जी आने से उन पर भाड़ा ज्यादा लग रहा है। जिसके चलते सब्जी और महंगी हो रही है।
उरई के सब्जी मंडी में सब्जी के दामों में दस दिन के अंदर बढ़ोतरी हुई है। कई सब्जियों के दाम तो दोगुने हो चुके हैं। जिसके चलते सब्जी दुकानों से गायब दिख रही हैं। दुकानदार उतनी ही सब्जी ला रहे हैं। जितनी बिक जाए। आलू,प्याज, अदरक, टमाटर, लहसुन, लौकी, नींबू के दाम एक महीने में दोगुना हो चुके हैं।
दुकानदार अजहर, सुजीत ने बताया कि मंहगाई और बढ़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली सब्जी खत्म हो चुकी है। बारिश का मौसम आ गया है। अभी सब्जी आनी भी नहीं है। जितनी सब्जी आ रही है। सभी बाहर से आ रही है। इंदौर, झांसी, कानपुर से सब्जी आ रही है। इतने दूर से सब्जी आने पर भाड़ा भी अधिक लग रहा है। इसके बाद स्थानीय बाजार पर आने पर अगर सब्जी में खराबी हुई तो दाम घट जाते हैं। जिसके चलते दूसरी सब्जी के दाम बढ़ाए जाते हैं।
सब्जी 15 दिन पहले के दाम आज के बाजार के दाम
प्याज 20 रुपये किलो 40 रुपये किलो
आलू 18 रुपये किलो 30 रुपये किलो
अदरक 90 रुपये किलो 160 रुपये किलो
टमाटर 20 रुपये किलो 40 रुपये किलो
लहसुन 140 रुपये किलो 200 रुपये किलो
लौकी 30 रुपये किलो 80 रुपये किलो
मिर्च 50 रुपये किलो 100 रुपये किलो
नींबू 50 रुपये किलो 85 रुपये किलो
(नोट- सभी सब्जी में दाम बढ़े हैं। स्थानीय बाजार के हिसाब से भाव कम ज्यादा हो सकते
हैं।)
दुकानदारों की बात-
फोटो-13 गोलू
गोलू ने बताया कि सब्जी मंडी से ही मंहगी मिल रही है। हर सब्जी पर प्रतिकिलो एक से दो रुपये बढ़ रहे हैं। उसमें भी सब्जी खराब हो जाती है तो नुकसान हो जाता है। मौसम परिवर्तन की वजह से अभी सब्जी मंहगी होगी।
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फोटो- 14 श्याम करन
श्याम करन ने बताया कि स्थानीय किसान अगर सब्जी लेकर आते थे तो दुकानों तक सब्जी आ जाती थी। किसी का भाड़ा नहीं देना पड़ता था आढ़त भी नहीं लगती थी। इससे सब्जी सस्ती मिल जाती थी। दूसरी मंडी से आने पर दाम दोगुने हो जाते हैं।