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इंद्रजीत सिंह यादव सपा जिलाध्यक्ष

Tue, 16 Aug 2016 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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इंद्रजीत - फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार सपा जिलाध्यक्ष को लेकर चल रही कशमकश मंगलवार को देर शाम समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री आवास से आई खबरों के अनुसार जिले वरिष्ठ नेता इंद्रजीत सिंह यादव एडवोकेट को जिलाध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया है। इसके साथ ही अब जिला पंचायत अध्यक्ष के टिकट के लिए अजहर बेग की बहन आशना के नाम पर भी मुहर लगने की अपुष्ट खबरें
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हैं।   गौरतलब है कि यादव और मुस्लिम को संतुष्ट करने की सपा की चुनौती के संबंध में अमर उजाला ने हाल ही में खबर प्रकाशित की थी। सूत्रों के अनुसार इसको लेकर लखनऊ में भी चर्चा रही और जोर दिया गया कि जो भी निर्णय हो वह इन दोनों बेस वोटों को संतुष्ट करने वाला हो। ऐसे में जिलाध्यक्ष के लिए इंद्रजीत सिंह यादव, सुरेंद्र मौखरी और सुरेंद्र बजरिया के

नामों पर चर्चा चल रही थी। अंत में अनुभव के आधार पर इंद्रजीत सिंह यादव के नाम पर मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी। इसके साथ ही मुस्लिम वर्ग को संतुष्ट करने के लिए आशना को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाने की बात लगभग तय होने की खबरें मिल रही हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा बुधवार को की जा सकती है। जिले के वरिष्ठ नेताओं ने
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इंद्रजीत सिंह यादव को अध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी जाहिर की है। सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने कहा कि यह जिले में सभी समाजवादियों की जीत है। एट निवासी सपा नेता भूपेंद्र यादव ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया। कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में इस निर्णय के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उधर, पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी

ने भीखुशी जाहिर की। कहा कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से सपा को और मजबूती मिलेगी। वहीं सपा नेता महेश दुबे ने भी इंद्रजीत सिंह को बधाई दी।

पार्टी में नींव के पत्थर हैं इंद्रजीत सिंह
इंद्रजीत सिंह यादव पार्टी के गठन से लेकर अब तक पार्टी को संगठित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं। सन 1980 में पार्टी गठन के बाद पहले जिलाध्यक्ष बनाए गए थे। इसके बाद से अगले 17 वर्षों तक उनके हाथों में पार्टी की जिला इकाई की कमान रही। इसके बाद कुछ समय तक वीरपाल दादी जिलाध्यक्ष बने रहे जिसके बाद दोबारा करीब दस वर्षों

तक इंद्रजीत सिंह को जिला अध्यक्ष बना दिया गया। इस तरह कुल करीब 27 साल तक उनके हाथ में जिले की पार्टी इकाई की कमान रही। इसके बाद चौधरी विष्णुपाल सिंह गुर्जर, श्री राम पाल, सोहराब खान,  सुरेंद्र यादव और धीरेंद्र यादव को जिलाध्यक्ष बनाया गया। हालांकि इन सभी का कार्यकाल अधूरा रहा और किसी न किसी वजह से इन सभी को बीच में ही हटा दिया गया।

कई जिलों की कार्यकारिणी होगी भंग
सूत्रों के अनुसार अभी मुख्यमंत्री व सपा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव अन्य करीब एक दर्जन जिलों की कार्यकारिणी भी भंग कर सकते हैं। इसके बाद एक साथ सभी जिलों में अध्यक्ष व कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी में यह अखिलेश यादव के एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान युवा नेताओं को अधिक से अधिक मौका दिए जाने की बात भी सामने आ रही है।
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