जिला एवं क्षेत्र पंचायत चुनाव के मद्देनजर डकोर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गांवों में कैंप लगाकर शस्त्रधारकों के हथियार जमा कराए गए।
इससे पूर्व डकोर कोतवाली अंतर्गत आने वाले गांवों में पहले डुग्गी पिटवा कर शस्त्र लाइसेंस धारकों से अपने-अपने असलहा कोतवाली में जमा कराने की अपील की गई थी। डुग्गी बजवाए जाने पर भी पुलिस को हथियार जमा कराने के मामले में आशातीत सफलता नहीं मिली।
इस क्रम में डकोर कोतवाली में तैनात सभाजीत पांडे ने अपने क्षेत्र के समस्त शस्त्र जमा कराने के लिए गांवों में कैंप लगाकर शस्त्रधारकों से उनके असलहे जमा करके उन्हें तुरंत रसीद दी। उन्होंने बताया कि डकोर जिला पंचायत क्षेत्र के अलावा जिला पंचायत ऐर और जिला पंचायत एट क्षेत्र के गांव कोतवाली डकोर में आते हैं।
उन्होंने कहा कि जो शस्त्र धारक अब भी अपने असलहा जमा नहीं करते हैं तो उनकी सूची बनाकर अधिकारियों को सौंप दी जाएगी और ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कारईवाई हो सकती है। जिन लोगों ने व्यक्तिगत तरीके से असलहा दुकानों पर अपने शस्त्र जमा कर दिए हैं। वह भी उसकी रसीद की इंट्री कोतवाली में करा दें।
साहब हमसे क्या खतरा, जमा कर लो बंदूक- चाहे लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा या फिर क्षेत्रीय चुनाव इसमें बुजुर्गों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसी तरह गांव मुहम्मदाबाद के 75 वर्षीय बुजुर्ग साबिर मुंशी कहते हैं कि पूर्व में असलहा जमा कराने को लेकर इतनी सख्ती नहीं होती थी, लेकिन समय बदला और छोटे- छोटे चुनावों में पुलिस बंदूक जमा कराने के लिए द्वार पर खड़ी नजर आती है।
बुजुर्ग ने हंसते हुए कहा कि साहब अब हमसे क्या खतरा हो सकता है और हमने अपनी बंदूक पुलिस को सौंप दी है।