करीब 50 लाख की लागत से जिले के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की सौगात मिलने
वाली है। मार्च तक सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट, कुपोषण पुनर्वास केंद्र व
सरवाइकल कैं सर जांच की सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इसके लिए संबंधित
अस्पतालों को बजट भी रिलीज किया जा चुका है। इस बारे में प्रोजेक्ट प्रमुख
डा. बीएम खैर ने बताया कि योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है,
जल्द ही
जनता को इसका लाभ मिलेगा। जिला महिला अस्पताल में नवजात की तबियत बिगड़ने
के बाद कोई ऐसा सेंटर नहीं था जिससे बच्चे को तत्काल स्वास्थ्य लाभ मिल
सके। इस पर शासन ने महिला अस्पताल में 37 लाख रुपये से न्यू बॉर्न केयर
यूनिट खोली जा रही है जिसमें नवजात को हर सुविधा मिलेगी। वहीं महिला
अस्पताल में ही ब्रेस्ट कैं सर की जांच व इलाज की
भी व्यवस्था की जा रही
है। इसके लिए महिला डाक्टर को विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इस
यूनिट में करीब 14 लाख रुपये की लागत आ रही है। इसका काम भी महिला अस्पताल
में अंतिम चरण पर है। वहीं कुपोषण के शिकार बच्चों के लिए जिला अस्पताल में
सात लाख रुपये से कुपोषण पुनर्वास केंद्र बनाया जा रहा है। इसमें दस शैया
का अलग से कमरा होगा।
इसमें कुपोषित बच्चे को खाना-पानी से लेकर स्वास्थ्य
की जांच व दवाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा। कुपोषित बच्चे की देखभाल के लिए
एक परिजन के खाने पीने की व्यवस्था मुफ्त होगी। इसके अलावा 100 रुपये के
प्रतिदिन के हिसाब से 14
दिनों तक रुपये मिलेंगे। तीन योजनाओं के लागू होने
के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो जिले में इन
सेवाओं के शुरू होने से लोगों का काफी सहूलियत मिलेगी।
वर्जन
नया साल
स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से बेहतर होगा। तीन योजनाओं के शुरू होने से
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। कुपोषित बच्चों के लिए सरकार की
यह पहल रंग लाएगी। इसके अलावा महिलाओं को भी बेहतर उपचार मुहैया कराना मेरी
पहली प्राथमिकता है। - डा. बीएम खैर, प्रोजेक्ट मैनेजर