फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंतजार करते रहे अधिकारी, नहीं आए कमिश्नर

Tue, 05 Jan 2016 11:35 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले भर में मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया। मौके पर तमाम शिकायतें आईं लेकिन निस्तारण कुछ का ही किया जा सका। कोंच तहसील में मंडलायुक्त को शिकायत सुनने आना था लेकिन वे नहीं आए। इससे जहां अफसर बाट जोहते रहे वहीं फरियादी न्याय की आस लिए घंटों बैठे रहे और फिर लौट गए। जिले भर की तहसीलों में आयोजित तहसील दिवस की एक रिपोर्ट-
विज्ञापन


50 शिकायतों में तीन का ही निपटारा
तहसील दिवस की शिकायतों के मौके पर निस्तारण के मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी मंगलवार को आईं शिकायतों के निस्तारण का प्रतिशत लगभग नगण्य रहा। अकेले उरई के तहसील दिवस में 50 से अधिक शिकायतों में से महज तीन का ही मौके पर निस्तारण हो सका।

उरई तहसील दिवस में मंगलवार को अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वह प्राथमिकता से शिकायतों का निस्तारण करें। लंबित शिकायतों पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। तहसील दिवस में 6 शिकायतें राजस्व विभाग, 3 विकास विभाग, 10 पुलिस विभाग, एक शिक्षा विभाग एवं 30 अन्य शिकायतों
विज्ञापन


समेत कुल 50 शिकायर्तें आइं। इसमें सुशील नगर में पाइप लाइन के लीकेज होने से दूषित पानी की आपूर्ति होने की शिकायत नरेंद्र प्रताप सिंह, भगवती मिश्रा समेत अन्य लोगों ने की। उमरार खेरा में मुन्नालाल ने नए हैंडपंप के पानी न देने की शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने मौके पर तीन शिकायतों का निस्तारण किया। एडीएम के अलावा एसडीएम

डा. एबी सिंह, सीओ जंगबहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। कालपी प्रतिनिधि के अनुसार तहसील दिवस में एसडीएम गोरेलाल शुक्ला ने कहा कि फरियादियों की शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों का सभी विभागीय अधिकारी सप्ताह भर के अंदर निराकरण करें। समस्याओं को लेकर 96 प्रार्थना पत्र एसडीएम केे समक्ष प्रस्तुत किए गए। उसरगांव निवासी शिवकुमार

पांडेय ने कोतवाली कालपी में अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर के गायब होने का मामला उठाया। तहसीलदार भूपाल सिंह, सीओ महेंद्र कुमार, विद्युत विभाग के एसडीओ धनवीर सिंह, एडीओ राजबहादुर, एचएन अनुरागी, जलनिगम केे सहायक अभियंता आरपी आदि मौजूद रहे।

विकलांग कैंप में 15 बच्चों को ही प्रमाण पत्र
तहसील दिवस जालौन में परिषदीय विद्यालयों के विकलांग बच्चों के लिए कैंप लगाकर विकलांग प्रमाण पत्र बनाए गए। इस कैंप में जालौन और कुठौंद ब्लॉक के 35 में 15 बच्चों के ही प्रमाण पत्र बनाए गए। सर्व शिक्षा अभियान की ओर से विकलांग बच्चों की पढ़ाई से लेकर अन्य सुविधाएं अलग से की जातीं हैं। मंगलवार को जालौन तहसील दिवस में कुठौंद

व जालौन ब्लाक केे परिषदीय विद्यालयों केे 35 विकलांग बच्चों ने कैंप में प्रतिभाग किया। इनमें डाक्टरों ने केवल 15 बच्चों के ही विकलांग प्रमाण पत्र बनाए। बाकी 20 विकलांग बच्चे विकलांगता की 40 प्रतिशत से अधिक की श्रेणी में खरे नहीं उतरे। इससे उनके विकलांग प्रमाण पत्र नहीं बन सके। परिषदीय विद्यालयों के श्रवण बाधित बच्चों के विकलांग

प्रमाण पत्र बनवाए गए। शिक्षक शिवसिंह चौधरी ने बताया कि डाक्टरों ने कहा कि हमारे पास कोई आडियोलाजिस्ट नहीं हैं जबकि यह कार्य ईएनटी सर्जन बेहतर तरीके से कर सकता है। इस दौरान डा. केके गुप्ता, डा. आरपी राजपूत, डा. मुकेश राजपूत, जिला समन्वयक यशवंत राजपूत व शिव सिंह आदि मौजूद रहे।

अधिकारियों की लापरवाही बढ़ाती है समस्याएं
नए साल का पहला तहसील दिवस भी शिकायतकर्ताओं के लिए कोई उम्मीद लेकर नहीं आया। तहसील दिवस मेें कुल 37 शिकायतें आईं जिनमें एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। इस दौरान अधिकारी मंडल के कमिश्नर राममोहन राव के दौरे का इंतजार करते रहे लेकिन वे नहीं आए।

एसडीएम संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं तहसीलदार जितेंद्रपाल व सीओ मनोज कुमार गुप्ता की मौजूदगी में निपटे तहसील दिवस में कुल 37 फरियादें आईं। भेंड़ निवासी शशिदेवी ने शिकायत की कि उसका किराएदार न सिर्फ कई महीनों से किराया नहीं दे रहा है बल्कि उसने दुकान में एक सिकमी किरायेदार भी रख लिया है। नया पटेलनगर

निवासी विमलादेवी ने एक व्यक्ति पर आरोप लगाया कि उधार हरी मटर लेने के बाद भुगतान नहीं दिया। कांग्रेसी नेता काजी जाहिद ने महेशपुरा रोड पर मेवालाल जाटव स्कूल के पास लगे हैंडपंप के काफी दिनों से खराब पड़े होने की शिकायत की। ग्राम बरहल निवासी रविकांत तिवारी, नरेन्द्रकुमार, शिवमकुमार, विजय, प्रकाश आदि ने नहरों का संचालन

सुनिश्चित कराने की मांग की।  इस दौरान बीडीओ कोंच बब्बनराय, नदीगांव गणेशप्रसाद, सीडीपीओ अंकिता वर्मा, एसडीओ विद्युत नरेन्द्रप्रकाश, जेई जलसंस्थान एससी सचान, मंडी सचिव डॉ. दिलीपकुमार वर्मा, एसओ नदीगांव मिथलेश सिंह आदि मौजूद रहे।

21 दिन चलाएं नहरें
गेहूं में पानी देने के लिए 21 दिन नहरें चलाई जाऐंगी। यह घोषणा जिलाधिकारी ने तहसील दिवस के दौरान किसानों की मांग पर तहसील सभागार में की। जिलाधिकारी रामगणेश ने कहा कि गेहूं में पानी लगाने के लिए किसान परेशान हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अहम फैसला लिया है। जिसमें मई-जून में तालाबों को भरने के लिए दिए जाने वाले पानी के स्टॉक को अभी उपयोग किए जाने के लिए कहा है।
विज्ञापन


.....
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें