उरई। दो बच्चियों अला और बाबू को जुहीखा पुल से यमुना में फेंकने के बाद रज्जन निषाद ने खुद छलांग लगाने की सूचना जैसे ही परिजनों व ग्रामीणों को लगी तो गांव में खलबली मच गई। घटना की जानकारी मायके औरैया में पत्नी शारदा को भी दे दी गई है। इस पर वह पहुंच रही है। बड़ी बेटी सुनैना ने बताया कि रविवार की देर रात तक पापा-मम्मी की लड़ाई होती रही। पापा ने कहा था कि सुबह तक घर नहीं पहुंची तो पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा।
रामपुरा थाना क्षेत्र के मढ़ेपुरा गांव निवासी लालता प्रसाद के पांच पुत्र हैं। इसमें अमर सिंह, राजू, नानकशाह, रज्जन, राज बहादुर। लालता ने सभी की शादी करके सबको अलग कर दिया है, जबकि लालता पत्नी कमला देवी के साथ अलग घर में रहते हैं। रज्जन तीन बेटियों व पत्नी शारदा के साथ अलग घर में रहता है। परिजनों की माने तो रज्जन शराब का आदी होने के चलते अक्सर पत्नी से विवाद करता है। रक्षांबधन के पहले पत्नी से उसका विवाद हुआ तो शारदा अपने माता-पिता के साथ मायके चली गई। वह फोन करने के बाद भी नहीं आ रही थी।
अकेले तीन बेटियों को संभालने में रज्जन को परेशानी हो रही थी। बड़ी बेटी ने बताया कि रात को पापा ने मम्मी को फोन लगाया और कहा कि तुम कब आ रही हो। इस पर मम्मी ने आने से मना कर दिया। इसके बाद पापा ने कहा कि अगर तुम सुबह तक घर नहीं आई तो वह पूरे परिवार को खत्म कर देगा। सुबह दस बजे रज्जन ने बड़ी बेटी सुनैना, अला व बाबू को बाइक पर बैठाया और नदी किनारे ले गया। जैसे ही उसने सुनैना को फेंकने का प्रयास किया तो उसने हाथ झटक दिया और भाग गई। इसके बाद उसने दोनों बेटियों को फेंककर खुद यमुना नदी में पुल से छलांग लगा दी। जानकारी पर पत्नी परिजनों के साथ मायके से निकल आई है।