आटा। शुक्रवार दोपहर संदी गांव के खेतों में लगी आग तेज हवा के कारण आटा और अकोढ़ी तक फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों बीघा में फैले गेहूं के अवशेष जलकर राख हो गए, जिससे किसानों और पशुपालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
गेहूं के अवशेष ही मवेशियों के लिए भूसे का मुख्य सहारा होते हैं, लेकिन आग ने यह सहारा छीन लिया। अब किसानों को मवेशियों के चारे के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं बाजार में भूसे के दाम 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, जो छोटे किसानों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस आग ने न सिर्फ उनकी मेहनत को राख किया, बल्कि आने वाले दिनों की चिंता भी बढ़ा दी है। मवेशियों के लिए चारा जुटाना अब सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। (संवाद)