उरई। जिला पुरुष चिकित्सालय स्थित मनकक्ष में शुक्रवार को विश्व आत्महत्या बचाव दिवस मनाया गया। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में मानसिक रोगियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने और उनके साथ सहानुभूति रखने पर जोर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेंद्र देव ने कहा कि मानसिक रोगियों का पूरा ध्यान रखे और उन्हें अपनेपन का एहसास करें, जिससे वे किसी गलत हरकत करने का विचार न कर सके।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ तारा शहजानंद ने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों को कम करने के प्रति लोगों में जागरुकता लाना है। आत्महत्या करने का सबसे ज्यादा खतरा डिप्रेशन वाले मरीज में देखा जाता है। डिप्रेशन की समस्या से ग्रसित लोगों को ऐसा लगता है कि वह जिंदगी और हालातों से पैदा हुई चुनौतियों का सामना नहीं कर पाएंगे। इससे घबराकर ऐसे लोग आत्महत्या की ओर अपने कदम बढ़ा देते हैं। कहा कि कोविड.19 महामारी के दौरान भी आत्महत्या के मामले बढ़े हैं, जो कि चिंता का विषय है। क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट अर्चना विश्वास ने कहा कि आत्महत्या के जोखिम को कम करने के लिए अपने मन की बात शेयर करें। अकेले न रहे, पर्याप्त नींद लें, लोगों से मिले जुले, संगीत सुनें, व्यायाम करें। उन्होंने यह भी बताया की अगर किसी भी व्यक्ति को कोई मानसिक समस्या हो तो उसे छिपायें नहीं और जिला पुरुष चिकित्सालय में बने मनकक्ष में आकर उचित परामर्श व उपचार ले। मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर. 8738830715, किरन हेल्पलाइन नंबर.18005990019 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इस मौके पर दिनेश सिंह, आकांक्षा देवी, दीपना पांडे, महेश कुमार आदि रहे।