गर्भवती को रेस्क्यू कर ले जाते सेना के जवान
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रामपुरा। ब्लाक के नदिया पार क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ से ग्रामीणों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। पहली बार आई ऐसी बाढ़ ने ब्लाक के अधिकांश इलाकों को तहस नहस कर दिया हैं। सेना ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचकर मोर्चा संभाला है। सेना के जवानों ने बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उन्हें खाने पीने के संसाधन भी मुहैया करा रहे हैं। सेना द्वारा अब तक तीन गर्भवती का रेस्क्यू किया जा चुका हैं। सोमवार को देर शाम करीब 7 बजे सेना को डिकौली जागीर में गर्भवती के प्रसव पीड़ा की सूचना मिली। सेना की टीम रेड ईगल इंजीनियर्स प्रयागराज ने गांव पहुंचकर गर्भवती नीलम पत्नी भारत निवासी डिकौली जागीर का रेस्क्यू कर रामपुरा अस्पताल में सुरक्षित भर्ती कराया। जवानों ने बताया रेस्क्यू करते वक्त रास्ते मे महिला को प्रसव पीड़ा तेज हुई तो गर्भवती को महिला हिम्मत बढ़ाकर सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया। गर्भवती के परिजनों ने सेना के कार्यों की सराहना की। (संवाद)
जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
रामपुरा। पिछले छह दिनों से ब्लाक के नदियापार के इलाके में सिंध तथा पहुज नदी ने बढ़ रहे जलस्तर की चिंता सोमवार शाम से नदियों के पानी में आई कमी से कम हुई हैं। फिलहाल सिंध व पहंज नदी का जलस्तर10 फिट तक गिरा हैं। बाढ़ के पानी के निकलने के बाद गांव मे दुर्गंध फैलने की स्थिति उत्पन्न हो रही हैं। निचले इलाकों के कुसेपुरा, निनावली, किशनपुरा, बिलौड़, जखेता, सुल्तानपुरा आदि गांवों के घरों में पानी भर जाने से घरों में रखा अनाज पानी से नष्ट हो गया हैं। जिसके कारण अनाज से दुर्गंध आना शुरू हो गई हैं। ग्रामीण रवि, सुदामा, बबलू, महेश आदि का कहना है कि बाढ़ का पानी कम होने पर गंदगी से संक्रमण फैल सकता है। (संवाद)
हेलीपैड की जगह बदलने अफरातफरी
रामपुरा। सीएम योगी का मंगलवार को रामपुरा जगम्मनपुर क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ का जायजा लेने के लिए हेलीकॉप्टर के लिए काली ईट उद्योग जगम्मनपुर रोड़ पर बना हेलीपैड देर शाम बदल दिया गया। देर रात पंडित श्रवण कुमार महाविद्यालय के पीछे हेलीपैड बनवाया गया। (संवाद)
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बाढ़ पीड़ितों को दवा वितरण
सिरसा कलार। कुठौंद ब्लाक के गांव लोहाई टिकरी में बाढ़ पीड़ितों को दो दिन से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा वितरित कर रही है। बता दें कि यमुना का जलस्तर बढ़ने से गांव के कईं घरों में पानी भर गया है। जिस कारण कई ग्रामीणो के परिवार भूरी माता के मंदिर के पास तिरपाल डालकर रह रहे है। बाढ़ पीड़ितों को जुखाम बुखार की दवा 2 दिन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम डॉ प्रदीप कुमार राजपूत और फार्मसिस्ट योगेश कुमार कटियार के माध्यम से दी जा रही है। जिससे बाढ़ पीड़ितों को काफी राहत पहुंच रही है। (संवाद)