आटा। आटा निवासी तीन साल की नन्ही समृद्धि ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इलाज के लिए मदद मांगी है। समृद्धि ने कोशिश की है कि मदद से दिल्ली के एम्स में उसका इलाज हो जाएगा। समृद्धि ने अपने चाचा रोहित पोरवाल से सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखवाई है। और उसे पीएम मोदी को टैग किया है।
समृद्धि ने चाचा के माध्यम से पीएम को लिखी भावुक पोस्ट में बताया है कि मेरा नाम समृद्धि है। मैं 29 जून को तीन साल की हो जाऊंगी। मैं ग्राम आटा की रहने वाली हूं। आप कहते हैं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। मैं बची तो हूं और पढ़ भी लूंगी लेकिन मेरे कूल्हे ही बीमारी के कारण ज्यादा आगे नहीं जा पाऊंगी। इससे आपका सपना प्रभावित होगा। जन्म से ही मेरे कूल्हे में दिक्कत है। डॉक्टर इसे डीडीएच बीमारी बता रहे हैं। इसका इलाज सर्जरी से संभव है। पर एम्स और देश के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में इलाज उपलब्ध है। मैं पिछले डेढ़ साल से एम्स में ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में डॉक्टर शाह आलम को दिखा रही हूं। वहां से दो बार मुझे सर्जरी के लिये डेट भी मिल चुकी है। पर कोरोनाकाल के चलते डेट दोनों ही बार कैंसिल हो गई। मेरा शारीरिक विकास तो हो रहा है लेकिन कूल्हे में दिक्कत वाले पैर की लंबाई में फर्क आ गया है। इस कारण एक पैर से उचक उचक के चलती हूं। असंतुलन के कारण दिन में कई बार गिरती हूं। पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। आप प्रधानमंत्री के नाते पूरे देश के पिता हैं, मेरे भी, मैं आपसे निवेदन कर रही हूं कि मेरा इलाज करा दीजिए।
सीएमओ कार्यालय में तैनात डीआईईसी मैनेजर रवींद्र चौधरी का कहना है कि जब शिशुओं और बच्चों में कूल्हे को टांग से जोड़ने वाले ज्वाइंट सही से विकसित नहीं हो पाता है। यह ज्वाइंट एक बॉल और सॉकेट नुमा होता है। यह जन्मजात समस्या मानी जाती है। इसे कभी-कभी हिप डिसप्लेसिया या कॉनजेनिटल हिप डिस्लोकेशन कहा जाता है। समय से सर्जरी मिलने पर यह ठीक हो जाता है। हालांकि उनके पास बच्ची को लेकर कोई मदद मांगने नहीं आया है।
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दंपती बोले, पीएम ही कर सकते हैं मदद
बच्ची के मां क्षमा व पिता कपिल पोरवाल का कहना है कि एम्स में डॉक्टर साहब ने कहा कि बच्ची की सर्जरी पहले ही लेट है। इसे जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। अब कोरोना के कारण दो बार ऑपरेशन की डेट टल गई है। उन्होंने कहा कि वे चाहते है कि पीएम मोदी उनकी बात को सुने और बेटी को इलाज मुहैया कराए।
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लॉकडाउन के कारण नहीं हो पा रहा इलाज
समृद्धि के चाचा रोहित ने बताया कि बच्ची जब चलने लगी तो घरवालों को उसकी चाल में फर्क समझ में आया। कालपी में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अरुण मेहरोत्रा को दिखाया गया। उन्होंने बच्ची को कानपुर के हड्डी के डॉक्टर संजय रस्तोगी को दिखाने को कहा। डॉक्टर रस्तोगी ने बताया है कि बच्ची को डीडीएच है। जिसका इलाज कानपुर या आसपास नहीं है। उन्होंने इलाज के लिये दिल्ली स्थित एम्स के डॉक्टर शाह आलम खान को रिकमंड किया। इलाज शुरू हुआ। ऑपरेशन की पहली तारीख 27 अप्रैल 2020 की मिली थी लेकिन मार्च में कोरोना लॉकडाउन लगने से डेट कैंसिल हो गई।