कोंच। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से परेशान सरकार अब संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में है। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों का पूरा जोर टीकाकरण पर है। टीमें घर-घर जाकर ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रही हैं। इन प्रयासों का असर भी दिखने लगा है। कोंच तहसील के ग्रामीण अंचलों में अब तक 45 वर्ष से अधिक के 40 फीसदी लोग टीकाकरण करा चुके हैं।
पिंडारी पीएचसी प्रभारी डॉ कमलेश राजपूत ने बताया कि क्षेत्र के ग्राम बसोब, नरी जैसे गांवों में तो कहीं-कहीं 60 से 75 प्रतिशत तक टीकाकरण हो चुका है। जो ग्रामीण पहले टीका लगवा चुके हैं, वे अब दूसरों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पहले गांव के अंदर स्वास्थ्य टीम पहुंचने पर लोग घरों में भाग जाते थे। पर अब स्थिति बदली है और पहले टीका लगवा चुके लोगों को पूर्ण स्वस्थ देखकर अन्य लोग भी टीका लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं। नरी गांव के युवा प्रधान सिद्धार्थ ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक करने की शुरुआत उन्होंने अपने घर से की और पिता का टीकाकरण कराया।
गांव के ही बड़े बुजुर्ग यशवंत और भगवान सिंह ने बताया कि टीकाकरण के बाद किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई। बस यही बात लोगों के दिलोंदिमाग में बैठाई। लोग स्वयं टीकाकरण के लिए सामने आने लगे। वसोब के प्रधान नंदकिशोर ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने अपने चार-पांच साथियों के साथ पीएचसी जाकर टीकाकरण कराया। फिर अपनी बाइक से लोगों को पीएचसी लेकर जाने लगे। धीरे-धीरे ग्रामीणों को समझ में आने लगा कि टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं। अब स्थिति यह है कि गांव में ही शिविर लगने लगे हैं। 2500 मतदाताओं में से करीब 1000 से अधिक लोगों के टीका लग चुका है।