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नाले का निर्माण अधूरा, न जाने कब होगा पूरा

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उरई। लगातार दो दिन से हो रही झमाझम बारिश से शहर से लेकर गांव कस्बों तक का जनजीवन अस्तव्यस्त है। गनीमत तो इतनी है कि बारिश सिर्फ रात में हो रही है। इस कारण सुबह तक जलभराव खत्म भी हो रहा है। फिर जिन इलाकों में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, वहां दो दिन से जलभराव है। शहरवासियों का कहना है कि यह हालात मानसून से पहले की ही बारिश के हैं। जब मानसून आएगा और रोजाना बारिश होगी तब क्या होगा। हालांकि नगर पालिका ईओ का कहना है कि नालों की सफाई का काम लगभग समाप्ति पर हैं। फिर भी यदि कहीं से जलभराव की शिकायत आएगी तो उसे दूर किया जाएगा।
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बताते चलें कि गुरुवार की रात की तरह शुक्रवार की भी पूरी रात शहर में बारिश हुई। इससे स्टेशन रोड, जिला अस्पताल गेट, क्लब वाली बिल्ड़िंग, शांती नगर, इंदिरा नगर, इमरारखेड़ा, रामनगर, नया पटेल नगर आदि इलाकों में तड़के तक जलभराव की स्थिति बनी रही। पर सुबह के 9 बजते पानी काफी कम भी हो गया। इसी तरह मुहमम्दाबाद, बंधौली, जैसारी, कुसमिलिया, टिमरो आदि गांव की गलियां भी कीचड़ से सनी नजर आई। जिनमें लोगों का पैदल चलना भी दूभर बना रहा।
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बारिश के साथ बिजली कटौती भी
दो दिन से रात में हो रही मूसलाधार बारिश ने बिजली व्यवस्था को भी तार तार कर दिया है। लोगों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के ही काटनी पड़ रही है। हालांकि विभाग फाल्ट को सुधारने में कोई हीलाहवाली नहीं कर रहा है। रात एक बजे जाने वाली बिजली सुबह चार से पांच बजे तक आती है।
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फोटो-05 अधूरे नाले के कारण जलराव के पास खड़े लोग। संवाद
नाले का निर्माण अधूरा, कब होगा पूरा
दो दिन की बारिश से कीचड़ और जलभराव से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
कदौरा। नगर पंचायत के वार्ड नंबर तीन के मोहल्ला पुरवा कुर्याता में जलभराव की समस्या को देखते हुए पालिका ने करीब दस माह पहले नाला निर्माण के लिए टेंडर निकाला था, ठेकेदार ने काम तो शुरू कराया पर पूरा नहीं हुआ। मिट्टी भराई कर ठेकेदार ने निर्माण कार्य बंद कर दिया। जिसके चलते जलभराव की समस्या सामने आ रही है। नालियों का पानी मिट्टी में भरने से कीचड़ हो गया है। काम शुरू न होने से इलाकाई लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू न कराया गया तो प्रदर्शन करेंगे। अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि नाला निर्माण कार्य क्यो बंद है इसकी जांच कराई जाएगी।
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इन इलाकों में हुआ जलभराव
बीती रात हुई बारिश से नगर पंचायत के सफाई कार्य के दावों की पोल खोल दी। कस्बे के मोहल्ला कटरा अस्तबल, सिद्धार्थ नगर, हमीरपुर, जोहलुपर हाइवे, बस स्टैंड, इस्लामाबाद में लोग जलभराव से परेशान रहे। पानी से गुजर कर निकलने पर मजबूर हैं
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फोटो-06 टैक्टर ट्राली में भरा गेहूं भीगा। संवाद
केंद्रों पर गेहूं बिका तो नहीं पर भीग गया
कदौरा। कस्बे के गल्ला मंडी में जिम्मेदारों की अनदेखी से क्रय केंद्रों पर रखा किसानों का गेहूं भीग गया। शुक्रवार की रात को हुई बारिश में केंद्रों पर रखा करीब 100 क्विंटल गेहूं भीग गया। इसमें 75 क्विंटल उन किसानों का था जो गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर आए थे। पर नंबर न लगने से उनका गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा था। किसान सत्येंद्र विनोद, विजय कदौरा का कहना है कि 5-6 दिनों से गेहूं बेचने के लिए केंद्र पर है पर अभी तक खरीदा नही जा सका। विपणन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मजदूरों की कमी के चलते तौल में परेशानी हुई है।
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फोटो-03 सिरसाकलार बाजार में जलभराव का नजारा। संवाद
दुकानों से पानी निकालते रहे व्यापारी
सिरसा कलार। कस्बे में छानी रोड पर रात में हुई बारिश से जलभराव हो गया। प्रमुख बाजार की कई दुकानों में पानी भर गया। दुकानदार सुबह उठे तो जलभराव देख परेशान हो गए। बाजार बंदी के बाद भी दुकानदारों ने शटर उठाकर भरा हुआ पानी निकाला। दुकानदार धर्मेंद्र सिंह, भैयालाल, पवन त्रिवेदी, लला शुक्ला, बबलू दुबे का कहना है कि मेन रोड पर आधी अधूरी नाली खुदाई के कारण जलभराव की समस्या बनी हुई है। जोरदार बारिश होने पर बरसात का पानी घरों के भीतर तक पहुंच जाता है। (संवाद)
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फोटो-04 जलभराव में डूबी मूंग की फसल। संवाद
बारिश से मूंग की फसल हुई बर्बाद
आटा। लगातार दो दिन से हो रही बारिश से किसानों की खेतों में खड़ी मूंग की फसल को नुकसान हो रहा है। मौजा में किसान कृपाल पांचाल, लाखन ने बताया कि फसल तैयार थी। एक सप्ताह के भीतर उसकी कटाई भी होनी थी। पर दो दिन से हो रही बारिश से अरमानों पर पानी फिर गया है। किसान लाखन ने बताया कि उन्होंने 12 बीघे खेत में मूंग की फसल बोई थी। जबकि किसान कृपाल पांचाल के मुताबिक 3 बीघे में मूंग की फसल बोई बारिश होने से बहुत नुकसान हुआ। (संवाद)
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फोटो-13-रामपुरा में नालों का कचरा साफ करते कर्मचारी। संवाद
बरसात से पहले नालों की सफाई का काम तेज
- अतिक्रमण करने वालों की पहचान, भेजेंगे नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुरा। बरसात को देखते हुए कस्बे में बने नाले व नालियों का सफाई का काम शुरूहो गया है। चेयरमैन शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मानसून आने के पहले ही नगर के सभी नाले व नालियों की साफ-सफाई कराई जा रही हैं। साथ ही दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि नगर के नाले व नालियां 70 प्रतिशत साफ करा दी गई है और अन्य पर काम जारी है। जिसे बरसात से पहले पूरा करा दिया जाएगा। बताया कि नगर में कुल 7 बड़े नाले बने हुए हैं, जिनका सफाई जारी हैं।
कस्बे में कुछ जगह ऐसी ही भी हैं जहां बरसात के दिनों में जल निकासी की समस्या होती है। इसका कारण हैं कि लोगों ने नालियों के ऊपर अपने घरों व दुकानों का निर्माण करा लिया है। इस कारण नालियों की सफाई ठीक से नहीं हो पाती है। नगर पंचायत ने ऐसे दुकानदारों को कई बार चेताया हैं। ऐसे ही मोहल्लों में कई लोगों ने सड़क पर ही जानवर बांध दिए हैं और उनका बचा भूसा नालियों में बहा दिया जाता है। इस कारण भी नालियां चोक हो जाती है। पालिका प्रशासन का कहना है कि ऐसे लोगों की पहचान कर ली गई हैं। नोटिस भेजे जा रहे है।
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