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छुट्टी में एमडीएम के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन

Tue, 24 May 2016 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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मांगों को लेकर शहर में जुलूस निकालते प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षक - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार के ग्रीष्मकालीन अवकाश में मिडडे मील बनवाए जाने के फैसले के खिलाफ शिक्षक मुखर हो गए हैं। मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सौ से अधिक शिक्षकों ने बीएसए ऑफिस के बाहर सभा की। इसके बाद जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसके बाद शिक्षकों
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के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से वार्ता की। बीएसए कार्यालय के बाहर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुरदास यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का ग्रीष्मावकाश में एमडीएम बनवाए जाने का फैसला बिल्कुल गलत है। यह केवल शिक्षकों का उत्पीड़न करने के लिए लिया गया फैसला है। सभी शिक्षक इसका विरोध करते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए। कोषाध्यक्ष राघवेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक व शिक्षिकाएं जुलूस के रूप में शहीद भगत सिंह चौराहा, अंबेडकर चौराहा, जिला परिषद होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी
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मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना को सौंपा। इसके बाद संगठन के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधकारी संदीप कौर से मुलाकात की। वार्ता के दौरान शिक्षक मंडल ने मांग की कि 13 मई को बीएसए द्वारा की गई सामूहिक कार्यवाही को वापस लिया जाए। शिक्षकों का एरियर भुगतान किया जाए। जिलाध्यक्ष ठाकुरदास यादव ने कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर मांगें पूरी

न हुईं तो उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ धरना प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर मंत्री शैलेंद्र सोनी, नित्यानंद, प्रताप भानु, राकेश शुक्ला, महेंद्र वर्मा, महेंद्र यादव, आलोक श्रीवास्तव, प्रवेंद्र पाल, राम मनोहर निरंजन, प्रवण निरंजन, विकास, राजकुमार, धर्मेंद्र आदि शिक्षक मौजूद रहे।

बैठक में सरकार के फैसले का विरोध
एससी एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह शास्त्री की अध्यक्षता में उनके आवास पर हुई। इसमें ग्रीष्मावकाश मेें एमडीएम बनवाने के सरकार के फैसले का विरोध किया गया। इसे शीघ्र वापस लेने की मांग की गई। इसके अलावा एसोसिएशन 26 मई को कलेक्ट्रेट पहुंचकर सीएम व राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर

उत्पीड़न दिवस मनाएगा। जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक अवकाश बुद्ध पूर्णिमा, भीषण गर्मी में शिक्षकों से एमडीएम बनवाकर शिक्षकों का उत्पीड़न ही नहीं, बल्कि उन्हें अपमानित करने का कार्य किया है। एसोसिएशन इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जिला मीडिया प्रभारी मिस्टर सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सबका साथ

सबका विकास नारे के साथ सत्ता में आई थी, किंतु दो वर्ष पूरे होने के बाद भी पदोन्नति में आरक्षण विधेयक को पास न करके एससीएसटी शिक्षकों का उत्पीड़न जारी रखा है। इस दौरान अखिलेश श्रीवास, केके शिरोमणि, देवेंद्र सिंह, रामकुमार, उमाशंकर भास्कर, रमाकांत शाक्यवार, वीरेंद्र दोहरे, वीरेंद्र त्यागी, विनोद सिंह आदि मौजूद रहे।

शिक्षकों के गले की फांस बना एमडीएम
बुंदेलखंड के जालौन के सूखाग्रस्त घोषित होने से मिड डे मील ग्रीष्मावकाश में भी बनाने का फरमान जारी कर दिया गया है। इसे लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। विकास खंड नदीगांव के परिषदीय विद्यालयों मिड-डे मील पकाया तो जा रहा है, पर इस भोजन को खाने वालों का खासा टोटा है। ग्रीष्मावकाश होने के कारण बच्चे बहुत कम संख्या में स्कूल आ रहे हैं।

प्राथमिक शिक्षक संघ विकास खंड नदीगांव के अध्यक्ष कृष्णकांत वाजपेयी ने बताया है कि संघ के प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर जिला नेतृत्व द्वारा शासन को ज्ञापन दिया जा चुका है। इसमें शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश में एमडीएम से मुक्त रखने की मांग की गई है।
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