राजनीति के क्षेत्र में गुलाब ने न हारने का रिकार्ड बनाया है तो वहीं
लालजी का तिलिस्म इस बार टूट गया है। वहीं, माधौगढ़ के सोफ्ता गांव में
पांच बार से घर में ही रही प्रधानी इस बार तुलाराम दोहरे से छिटककर दूसरे
घर पहुंच गई। नदीगांव ब्लाक क्षेत्र के गांव खकसीस निवासी गुलाब जाटव का
भाग्य राजनीति के क्षेत्र में अब तक उनके साथ में है।
मौजूदा समय में पूरा
परिवार राजनीति में आ गया। सबसे पहले मां को बीडीसी बनवाया और फिर नदीगांव
ब्लाक की प्रमुख बनीं। इसके बाद गुलाब ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद
गुलाब सिंह ने नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ा। यहां भी उनके खाते में
सफलता आई और मौजूदा समय में वह चेयरमैन हैं। एट निवासी लालजी को इस मर्तबा
ग्राम पंचायत चुनाव में जीत का स्वाद नहीं मिल पाया है।
गुलाब सिंह ने जिले में अब तक न हारने का इतिहास बनाया है। राजनीति की
शुरुआत गांव के प्रधान पद पर चुनाव लड़कर की और जीत हासिल हुई। इसके बाद
मां को क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ाया और जीत हासिल हुई। इसके बाद उन्हें
नदीगांव ब्लाक प्रमुख पद पर चुनाव लड़ाया, वहां भी सफलता हाथ लगी। इसके बाद
जालौन नगर पालिका अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल हुई। मौजूदा समय
में गुलाब सिंह चेयरमेन है। उन्होंने हाल के ही जिला पंचायत चुनाव में
खकसीस
सामान्य सीट से मां को सदस्य पद पर चुनाव लड़ाया, यहां भी उन्हें जीत
हासिल हुई। भाई को क्षेत्र पंचायत चुनाव लड़ाया वह भी चुनाव जीत गया।
ग्राम पंचायत चुनाव में खकसीस सामान्य सीट पर गुलाब ने अपनी पत्नी को
लड़ाया और जीत हासिल हुई। डकोर ब्लाक क्षेत्र के एट गांव निवासी लालजी
का कभी न हारने का तिलिस्म इस बार टूट गया। लालजी पहले
स्वयं गांव के
प्रधान बने और फिर अपनी पत्नी को प्रधान बनाया। हाल में ही दिरावटी सीट पर
भी उनका कब्जा हो गया और वर्ष 2015 के ग्राम पंचायत चुनाव में अपनी पत्नी
को लेकर मैदान में उतरे तो भाग्य उनके साथ नहीं था। इस मर्तबा उनकी पत्नी
को हार का सामना करना पड़ा।
सोफ्ता में अब दूसरे घर पहुंची प्रधानी
माधौगढ़
विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोफ्ता में बीते दो दशक के अधिक समय से
तुलाराम दोहरे के घर में ही प्रधानी चल रही थी। इस मर्तबा भी उनको उम्मीद
थी कि उनके घर में प्रधानी रहेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उनके प्रत्याशी को
हार का सामना करना पड़ा।
...और जब मत मिले बराबर
मदारीपुर। ग्राम
पंचायत अब्दुल्लापुर की दो महिला प्रत्याशी खाशिया व माजिदा बेगम को
267-267 बराबर मत मिले। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने दोनो ही प्रत्याशियों
से बात की और पर्ची डालकर परिणाम घोषित किया। पर्ची ने खासिया का साथ दिया
और भाग्य ने जीत उसकी झोली में डाल दी।