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Jalaun News: फर्जीवाड़ा... कागजों पर 250 मजदूर कर रहे भरे तालाब की खोदाई

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फोटो - 01 अमृत सरोवर गालमपुरा में खुदाई कार्य स्थल, जहां फर्जी जॉब कार्ड धारकों को भुगतान किए ज - फोटो : Archive
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माधौगढ़। क्षेत्र पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत हैदलपुरा के मजरा गालमपुरा स्थित अमृत सरोवर में कराई जा रही खोदाई में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा, जबकि सरकारी अभिलेखों में प्रतिदिन करीब 250 मजदूरों से खोदाई कराया जाना दर्शाकर भुगतान भी कर दिया गया है। मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और जांच की मांग तेज हो गई है।
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अमृत सरोवर गालमपुरा में एक मई 2026 से खोदाई कार्य शुरू होना दर्ज है। रिकॉर्ड में लगातार बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दिखाई गई है, लेकिन मौके की स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। तालाब में अब भी पानी भरा हुआ है और आसपास घास-फूस खड़ी है, जिससे खोदाई कार्य होने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के तहत फर्जी जॉब कार्ड धारकों के खातों में 14 दिनों की मजदूरी का भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं कुछ ऐसे लोगों के नाम भी जॉब कार्ड में दर्ज बताए जा रहे हैं जो अधिवक्ता, प्रधानाचार्य और प्रबंधक जैसे पदों पर कार्यरत हैं। इससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहरा गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मनरेगा में बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है। शासन स्तर से पारदर्शिता के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में इस तरह की अनियमितताओं ने कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी अमित गुर्जर ने बताया कि क्षेत्र पंचायत द्वारा मई के पहले सप्ताह से कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन अब तक कितना कार्य हुआ है। इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। वहीं खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं थी, अब मौके पर जांच कराई जा रही है। यदि फर्जी जॉब कार्ड या भुगतान की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




ब्लॉक क्षेत्र में कई जगहों पर हो रहे ऐसे ही काम
माधौगढ़। हैदलपुरा के मजरा गालमपुरा में कराया जा रहा काम पूरी तरह से फर्जी है। इसकी पुष्टि ग्रामीणों ने कर दी है, लेकिन यह कोई पहला मामला नहीं है। ग्रामीण हरीशंकर, राज नारायण, शिवराम सिंह आदि कहते हैं कि क्षेत्र में कई ऐसे काम कर रहे हैं, जो कागजों में तो चल रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति एकदम शून्य है। अगर इसकी गहराई से जांच कराई जाए तो कई लोग कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। लोगों का आरोप है कि इसकी में नीचे से लेकर ऊपर तक के कर्मचारियों, अधिकारियों का हाथ होता है, इससे जानकारी के बाद भी इसकी ओर कोई ध्यान नहीं देता है। जब इस तरह से कोई काम उजागर होता है, तो कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना पूरी कर दी जाती है। (संवाद)

फोटो - 01 अमृत सरोवर गालमपुरा में खुदाई कार्य स्थल, जहां फर्जी जॉब कार्ड धारकों को भुगतान किए ज- फोटो : Archive

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