उरई। चार दिवसीय महापर्व छठ की तैयारियां शहर में उत्साह के साथ की जा रही है। बाजारों से पूजा सामग्री की खरीदारी हो रही है। घरों को साफ सुथरा किया जा रहा है। उधर, रामकुंड पार्क में प्रशासन अपने स्तर पर साफ सफाई और प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने में लगा है ताकि श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।
छठ पूजा के पहले दिन की शुरूआत मंगलवार पांच नवंबर को नहाय खाय के साथ होगी। सबसे पहले पूरे घर की साफ सफाई और इसे पवित्र किया जाता है। नहा धोकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा के लिए प्रसाद बनाया जाता है। इस दिन कच्चे चूल्हे पर आम की लकड़ी का प्रयोग करके शुद्ध शाकाहारी भोजन तैयार किया जाता है। जिसमें लौकी की सब्जी चने की दाल, अरवा चावल बनाया जाता है। यह व्रत करने वाले पहले भोजन करते इसके बाद परिवार के बाकी सदस्य भी यही भोजन ग्रहण करते हैं। इसके बाद अगले दिन शाम तक निर्जला उपवास करते हैं। जो दूसरे दिन शाम को खरना पूजा तक चलता है, रात भर जाकर महिलाएं छठ माई के गीत गाती है। छठ पूजा समिति के अध्यक्ष संजय साहनी ने बताया कि यह पर्व चार दिवसीय है। जिसमें पवित्रता और शुद्धता का विशेष महत्व है इस पूजा में भगवान सूर्य और छठी माता की पूजा की जाती है।