उरई। शहर में फर्जी काल सेंटर खोलकर लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने वाले चार शातिरों को शहर कोतवाली पुलिस, सर्विलांस सेल, एसओजी, साइबर क्राइम सेल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से लैपटाप, फोन, कंप्यूटर नगदी आदि बरामद हुआ है। इनके आठ अन्य साथियों की पुलिस को तलाश है। पुलिस ने पकड़े गए चार शातिरों समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
शहर कोतवाली में खुलासा करते हुए एसपी डाक्टर यशवीर सिंह ने बताया कि फरवरी माह में शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामनगर स्वर्गधाम के पास शिवदयाल अहिरवार स्व. भरोसे अहिरवार के मकान में किराए पर फर्जी कॉल सेंटर खोला गया था। जिसमें डिग्रीधारक युवक-युवतियों को नौकरी का झांसी देकर ठगी का शिकार बनाया जाता था। इसकी कई लोगों ने शिकायत की थी जिस पर कोतवाली पुलिस, एसओजी, सर्विलांस व साइबर क्राइम सेल की टीमों को लगाया गया था। सोमवार को संयुक्त कार्रवाई में ठगी करने वाले अनिल पुत्र शिवनारायण कुशवाहा निवासी वजीदा, उरई, शिवम पुत्र महेश शुक्ला निवासी वजीदा, उरई, रामकिशोर उर्फ अमन पुत्र गणेशचंद्र निवासी उमरारखेरा, उरई, मोनू पुत्र जनेश्वर कोरी निवासी ग्राम अहमदपुर गठीना जिला बागपत को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए शातिरों ने पुलिस को बताया कि वह विभिन्न कंपनियों से डिग्री धारक युवक-युवतियों के डाटा लेकर लड़कियों से उनके फोन नंबरों पर कॉल कराकर तथा ईमेल के माध्यम से संपर्क कर नौकरी लगवाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करते थे। विभिन्न कंपनियों में नौकरी लगवाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन के लिए 16 सौ से 18 सौ रुपये व कागजात वेरीफिकेशन के नाम पर ढाई हजार से पांच हजार रुपये, गूगल पे, फोन पे आदि से पैसा लेते थे। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग पांच सौ से अधिक लोगों को ठग चुके हैं। एसपी ने बताया कि इस काम में जुड़े आठ अन्य लोगों की पुलिस तलाश कर रही है।
वहीं 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी व आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल जेपी पाल, एसओजी प्रभारी प्रवीण कुमार, सर्विलांस सेल टीम प्रभारी अजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक चंदन पांडेय, प्रदीप कुमार, हरीराम सिंह, रामप्रकाश यादव, सिपाही सत्येंद्र सिंह, शैलेंद्र चौहान, आशुतोष सिंह, संध्या चौहान, बृजेंद्र भदौरिया, गौरव वाजपेई, जगदीश, अलोक यादव, सुशांत मिश्रा आदि पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
शातिर ठगों से बरामद सामान
पकड़े गए लोगों के पास से पुलिस को दस एटीएम कार्ड, तीन बैंक पासबुक, दो डायरी, एक उपस्थिति रजिस्टर, दो ग्राहक मोबाइल नंबर के रजिस्टर, तीन एंड्राइड मोबाइल फोन, एक कीपेड मोबाइल, एक आईफोन मय सिमकार्ड व नौ सिमकार्ड, सात लैपटॉप, नौ डेस्कटॉप, दस माउस, दस कीबोर्ड, छह लैपटाप चार्जर, 16 पावर केबिल, 9 सीपीयू मानीटर कनेक्टेड केबल, नौ सीपीयू, दो बाईफाई, तीन एडाप्टर, चार बाईफाई डोंगल के अलावा 70460 रुपये बरामद हुए।
शातिर दिमाग मोनू पकड़ा गया
एसपी से बताया कि बागवत निवासी मोनू कुमार पुत्र जनेश्वर कोरी पहले दिल्ली में रहकर फर्जी काल सेंटर चलाता था। लेकिन वहां शिकायत होने पर वह फरवरी में भागकर उरई आ गया और शहर के झांसी रोड रामनगर में शिवदयाल के मकान में किराए पर फर्जी काल सेंटर खोल दिया। सबसे पहले उसने शहर की लड़कियों को सात हजार रुपये महीने में नौकरी पर रखा और इसके बाद देश के विभिन्न प्रांतों में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को डाटा निकलवाकर लड़कियों से काल करवाकर ठगी करता था।