नदीगांव ब्लाक में बीएसए ने आधा दर्जन परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसमें शिक्षकों की लापरवाही उनके सामने खुलकर आ गई। जब वह प्राथमिक विद्यालय तोरना पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। इसके अलावा कई अन्य विद्यालयों में शिक्षक बिना सूचना केे गैरहाजिर मिले तो कई संख्या के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति
कम मिली। इस पर बेसिक शिक्षाधिकारी ने संबंधितों का वेतन रोक दिया। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा मिले इसके लिए बीएसए राजेश कुमार वर्मा ने नदीगांव ब्लाक के विद्यालयों का शनिवार को दोपहर बाद निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय तोरना में ताला लटका मिला। बीएसए ने इस ब्लाक के पूर्व के निरीक्षण की रिपोर्ट
खंगाली, जिसमें पहले 4 जनवरी 2016 को भी इस स्कूल में ताला मिला था। इस पर विद्यालय के शिक्षक चंद्रशेखर व गीता देवी का वेतन रोकने के साथ स्थायी वेतन वृद्धि भी रोक दी है। इस क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय रेंढ़र में 165 बच्चों के सापेक्ष कुल 10 बच्चे उपस्थित मिले। विद्यालय के सहायक अध्यापक रामप्रकाश कुशवाहा नदारद मिले। इनका वेतन काटा
गया। बच्चों की कम उपस्थित के चलते प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया। कन्या प्राथमिक विद्यालय रेंढ़र में 170 बच्चों के सापेक्ष 12 बच्चे उपस्थित मिले। इसके अलावा स्कूल के प्रधानाध्यापक ने मार्च में अधिकतम 140 तथा अप्रैल में अधिकतम 65 बच्चे मिडडे मील में दर्शाए। इससे मिडडे मील में सरकारी रुपये का दुरुपयोग पाया। इसकी जांच मिडडे मील के
जिला समन्वयक को देकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक से रकम की वसूली की जाएगी।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बंगरा में पंजीकृत 86 बालिकाओं में 36 ही उपस्थित मिलीं। 12 अप्रैल के निरीक्षण में भी 77 बालिकाओं में 26 ही उपस्थित
मिली थीं। तब वार्डन व शिक्षिकाओं को हिदायत दी गई थी कि शैक्षिक गुणवत्ता को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद भी विद्यालय में पंजीकृत बालिकाओं के सापेक्ष कम उपस्थिति लापरवाही दर्शाती है। बीएसए ने आगाह किया कि यदि एक सप्ताह में वार्डन ने विद्यालय में बालिकाओं की उपस्थित नहीं बढ़ाई तो वार्डन समेत सभी स्टाफ की संविदा
समाप्त कर दी जाएगी। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा न देने वाले शिक्षक पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी।