उरई। झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर कोहरे ने गुरुवार को कानपुर और झांसी की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों के परिचालन में बाधा डाली। जिससे इस रेलमार्ग की कई ट्रेनें दो घंटे से अधिक देर से पहुंचीं।
वहीं, इस मार्ग की चार ट्रेनों को निरस्त किया गया है। जिनमें दरभंगा से अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस, गोरखपुर से कोच्चिवैली राप्तीसागर एक्सप्रेस, ग्वालियर से बरौनी व बरौनी से ग्वालियर छपरा मेल शामिल हैं।
बता दें कि झांसी-कानपुर रेलमार्ग से आने-जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन में कोहरे ने दखल डाल दिया। गोरखपुर से आने वाली ट्रेन नंबर 20104 गोरखपुर मुंबई संत कबीरनगर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह आठ बजकर चार मिनट के स्थान पर दो घंटा 58 मिनट देरी से उरई पहुंची। झांसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस दो घंटा 10 मिनट देरी से पहुंची।
प्रतापगढ़ से मुंबई जाने वाली उद्योगनगरी एक्सप्रेस दो घंटा 26 मिनट, लखनऊ से पुणे लखनऊ पुणे एक्सप्रेस दो घंटा 13 मिनट, मुंबई से सीतापुर एक घंटा 41 मिनट देर से पहुंची। इसके साथ ही वलसाड से कानपुर उद्योगकर्मी दो घंटा 30 मिनट, गोरखपुर से मुंबई कुशीनगर एक्सप्रेस एक घंटा 40 मिनट, प्रतापगढ़ से भोपाल प्रतापगढ़ भोपाल एक्सप्रेस चार घंटा, मुंबई से गोरखपुर कुशीनगर एक्सप्रेस एक घंटा 35 मिनट, मुंबई से गोरखपुर एक घंटा 12 मिनट देरी से आई। गोरखपुर से पनवेल जाने वाली 15065 ट्रेन अनिश्चितकालीन देरी से चल रही है।
इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को उरई स्टेशन पर कई घंटे बिताने पड़ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों की अधिक लेटलतीफी के कारण रजाई लेकर यात्रा करनी पड़ रही है। वहीं, झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि सर्दी का मौसम और ट्रैक मरम्मत का काम कई मंडलों में चलने के कारण ट्रेनें लेट हो रहीं हैं। जल्द ही काम समाप्त होने के बाद इस रेल मार्ग का परिचालन यथावत हो जाएगा।