जालौन। सीएए के विरोध में नगर के मुस्लिम समाज के लोगों ने पांच सूत्री ज्ञापन एडीएम व एएसपी की उपस्थिति में एसडीएम व सीओ को सौंपा और सीएए को समाप्त करने की मांग की। लखनऊ और कानपुर में हिंसा के बाद भारी भीड़ सड़कों पर उतरी। जिसे देख भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। जब तक भीड़ ज्ञापन देकर गई नहीं, तब तक अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देती रहीं।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में तकिया मैदान पर जुटे मुस्लिम समाज के लोग जुलूस की शक्ल में हाथों में एनआरसी व सीएए के विरोध में लिखी हुई तख्तियां लेकर शाम 4 बजे झंडा चौराहे की ओर बढ़े। जुलूस के दौरान भीड़ में लोग हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में सब भाई-भाई व एनआरसी नहीं चलेगा वापस लो वापस लो, संविधान सुरक्षित तो हमारा मुल्क सुरक्षित, मजहब के नाम पर मुल्क को मत बांटो, फिरका परस्ती मुर्दाबाद, प्यार मोहब्बत जिंदाबाद आदि नारे लगा रहे थे।
भीड़ इसे काला कानून बता कर वापस लेने की मांग कर रही थी। जुलूस आगे बढ़ता हुआ जैसे ही जामा मस्जिद मरकज पर पहुंचा अधिकारियों ने जुलूस को वहीं रोक लिया। जहां मुस्लिम समाज के लोगों ने एडीएम प्रमिल कुमार सिंह, एएसपी अवधेश सिंह की उपस्थिति में एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला व सीओ सुबोध गौतम को राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शहर काजी मौलाना साबिर, मौलाना सहाबुद्दीन, मौलाना उवैश, काजी उजैर, मौलाना साकिब, मौलाना सुल्तान, असलम सिद्दीकी, शमीम अहमद, बब्लू बाबूजी, इब्राहीम सिद्दीकी, अब्दुल कय्यूम, अफरोज शाह, इरशाद अंसारी, इमरान अंसारी, इसरार खान, अल्लादीन बरकाती, इरशाद, मकबूल, अफजाल अहमद, अशफाक राईन आदि सहित हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते मुसिलम समाज के लोग।- फोटो : ORAI