उरई (जालौन)। किसान की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर लेखपाल सहित पांच लोगों को जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 56 -56 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के बिरौरा गांव निवासी प्रेम नारायण ने 8 नवंबर 2018 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि वह अपने घर के सामने भाई सुंदर व महेंद्र के साथ बैठा था। थोड़ी दूर पर गांव के ही गजेंद्र, करन सिंह, सीताराम गांव के ही राजेंद्र के चबूतरा पर बैठे थे। तभी गांव का मानसिंह आया और गालीगलौज करते हुए बोला कि हमें देखकर हंस रहे हो। इसके बाद वह धमकी देते हुए चला गया।
कुछ देर बाद ही मानसिंह, लाखन, साहब सिंह, लेखपाल जसवंत, यतेंद्र आए और एक राय होकर लाठी डंडों से मारपीट करने लगे। सुंदर को लाखन व मानसिंह ने पकड़ लिया। लेखपाल जसवंत व साहब सिंह ने तमंचे से भाई सुंदर के सिर पर गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों से परिजनों को पीटकर लहूलुहान कर दिया और भाग गए।
एक दिन बाद पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्जकर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने 18 जनवरी 2019 को न्यायालय में पांचों लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सात साल चले ट्रायल के बाद मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर जिला जज अचल सचदेव ने लाखन, मानसिंह, साहब सिंह, लेखपाल जसवंत व यतेंद्र सिंह को हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 56 -56 हजार का जुर्माना भी लगाया है।